सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला और अनोखा मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर जमकर लाइक्स और व्यूज पाने के चक्कर में एक युवक ने अपने ही घर के भीतर एक नकली कोर्ट (फर्जी अदालत) का पूरा सेटअप तैयार कर लिया था। वह फर्राटेदार अंग्रेजी में कानूनी दलीलें देते हुए अपने कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करता था। इतना ही नहीं, उसने आसपास के लोगों और दोस्तों के बीच खुद को हाई कोर्ट का एक वरिष्ठ एडवोकेट बताना भी शुरू कर दिया था।
जब इस युवक के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और लोगों का ध्यान इस तरफ गया, तो इसकी गहराई से छानबीन की गई। जांच-पड़ताल के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। वह युवक न तो कोई वकील था और न ही किसी अदालत में उसकी कोई वैध प्रैक्टिस चल रही थी। केवल सोशल मीडिया पर शोहरत कमाने और वर्चुअल दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए उसने यह पूरा ढोंग रचा था।
कमरे को ही बना डाला था हाई कोर्ट का वर्चुअल रूम
यह पूरा सनसनीखेज मामला सिंगरौली जिले के बैढन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिपराझापी का है। यहाँ रहने वाले 27 वर्षीय अमित तिवारी ने अपने घर के एक कमरे को किसी आधुनिक कानूनी दफ्तर जैसी शक्ल दे रखी थी। उसकी टेबल पर एक लैपटॉप, कानून से जुड़ी भारी-भरकम किताबें और इंटरनेट डिवाइस व्यवस्थित ढंग से रखे हुए थे। कमरे में सामने एक बड़ी स्क्रीन लगी थी, जिस पर हाई कोर्ट के जजों और वकीलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के स्क्रीनशॉट बाकायदा सजाकर लगाए गए थे।
वह रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर ऐसे अंदाज में बहस करता था, देखने वाले को यह पूरी तरह भ्रम हो जाता था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च न्यायालय की किसी वास्तविक सुनवाई में हिस्सा ले रहा है। वह तेज और रोबदार आवाज में अंग्रेजी और हिंदी में कानूनी शब्दावली के साथ दलीलें पेश करता था।
एआई (AI) की मदद से तैयार करता था स्क्रिप्ट और पोस्ट
पुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि अमित एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसकी डिग्री पूरी नहीं हो पाई थी। पढ़ाई अधूरी रहने के बावजूद उसने दोस्तों और सोशल मीडिया पर खुद को हाई कोर्ट का बड़ा वकील बताना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह सोशल मीडिया के लिए वीडियो की स्क्रिप्ट और पोस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार करता था। वह अपने दोस्तों से वीडियो शूट करवाता और फिर उन्हें वायरल कर देता था।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद, उच्च न्यायालय ने जबलपुर पुलिस को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने 'जीरो पर एफआईआर' दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू की। छानबीन के दौरान जब यह बात साफ हुई कि यह मामला सिंगरौली का है, तो स्थानीय सिंगरौली पुलिस को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस ने आरोपी अमित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके घर से लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

