आज से दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेंगी 10 नई ई-बसें, कई इलाकों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार से सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) की सुविधा और अधिक सुदृढ़ होने जा रही है। शहर की सड़कों पर आज से 10 नई आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें (E-Buses) उतर चुकी हैं, जिनके संचालन से शहर में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है। इन नई बसों के शुरू होने से बैरागढ़, कोलार रोड, बावड़ियाकलां और सलैया जैसे प्रमुख आवासीय इलाकों की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी बसें शहर के व्यावसायिक और प्रशासनिक केंद्र एमपी नगर से होकर गुजरेंगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा नागरिकों, कामकाजी महिलाओं और छात्र-छात्राओं को आवागमन में भारी राहत मिलेगी।

प्रतिदिन 10 से 12 हजार यात्री कर सकेंगे आरामदायक सफर

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) द्वारा वर्तमान में 10 ई-बसों का संचालन किया जा रहा है, जिनके जरिए रोजाना औसतन 4,500 यात्री सफर कर रहे हैं। मंगलवार से 10 नई बसें जुड़ने के बाद रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़कर लगभग 10,000 से 12,000 प्रतिदिन तक पहुँचने का अनुमान है। इन बसों में सफर करने वालों में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक है। इन इलेक्ट्रिक बसों का न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये और अधिकतम किराया 40 रुपये तक निर्धारित किया गया है।

नए रूटों का विवरण और जुड़ाव:

  • B35 रूट (बैरागढ़ से सलैया): यह नया रूट चिरायु अस्पताल (बैरागढ़) से शुरू होकर आकृति ईको सिटी (सलैया) तक संचालित होगा। इस मार्ग पर लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीर गेट, कमला पार्क, रोशनपुरा, एमपी नगर मेट्रो स्टेशन, विट्ठन मार्केट, 1100 क्वार्टर, रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे अत्यधिक व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाके आएंगे।

  • B36 रूट (कोच फैक्ट्री से कोलार रोड): B36 नंबर का यह रूट कोच फैक्ट्री से चलकर कोलार रोड तक अपनी सेवाएं देगा। इसके रास्ते में भोपाल रेलवे स्टेशन, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर मेट्रो स्टेशन, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी, मंदाकिनी चौराहा, नयापुरा और बैरागढ़ चिचली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल होंगे।

  • B37 रूट (बैरागढ़ डिपो से आईएसबीटी): यह रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से शुरू होकर आईएसबीटी तक का सफर तय करेगा। यह बैरागढ़, लालघाटी, हमीदिया अस्पताल, शाहजहांनाबाद, नादरा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जहांगीराबाद, मालवीय नगर, मिंटो हॉल, बिड़ला मंदिर, वल्लभ भवन, जिला न्यायालय और डीबी मॉल जैसे प्रमुख वाणिज्यिक व प्रशासनिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा।

दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष और आधुनिक सुविधा

इन नई इलेक्ट्रिक बसों में दिव्यांगजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में हाइड्रोलिक दरवाजे (Hydraulic Doors) लगाए गए हैं, जिनकी मदद से व्हीलचेयर और ट्रायसिकल का उपयोग करने वाले दिव्यांग यात्री बेहद आसानी से बस के भीतर चढ़ और उतर सकेंगे। इसके अलावा, इन दरवाजों के ठीक सामने दो व्हीलचेयर या ट्रायसिकल को सुरक्षित रूप से खड़ा करने के लिए पर्याप्त खाली जगह भी उपलब्ध कराई गई है।

छोटे आकार से यातायात (Traffic) संचालन में मिलेगी मदद

इन नई ई-बसों की लंबाई लगभग 9 मीटर है, जबकि शहर में चलने वाली कई अन्य पारंपरिक सिटी बसें 12 मीटर तक लंबी होती हैं। आकार में अपेक्षाकृत छोटी होने के कारण इन इलेक्ट्रिक बसों को शहर की संकरी सड़कों, तंग गलियों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों से निकालना और चलाना काफी आसान होगा। हालांकि, शहर के अत्यधिक व्यस्त मार्गों और भारी ट्रैफिक जाम वाले समय में इनके सुगम संचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

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