‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’: सीएम मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल देंगे राज्य के भावी विकास की रूपरेखा

भोपाल। मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशनस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” का आयोजन किया जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर रहे हैं।

'वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस' की थीम पर मंथन

कॉन्क्लेव की मुख्य थीम “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” (एक संस्थान–एक संकल्प) रखी गई है। उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” विषय पर मुख्य वक्तव्य दे रहे हैं, जबकि AIGGPA के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित विशेष संबोधन देंगे। संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. संतोष कुमार विश्वकर्मा कॉन्क्लेव की पृष्ठभूमि और प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।

130 से अधिक प्रमुख संस्थानों की सहभागिता

इस राज्य स्तरीय समागम में देश और प्रदेश के 130 से अधिक प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 59 केंद्रीय संस्थान, 26 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय, 19 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 11 शासकीय इंजीनियरिंग संस्थान, 8 राज्य शोध संस्थान और 9 चयनित निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं। कॉन्क्लेव में आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर, आईआईएसईआर भोपाल, मैनिट भोपाल, एम्स भोपाल, एनएफएसयू भोपाल, आरआरकैट इंदौर, डीआरडीओ और इसरो जैसी शीर्ष संस्थाएं अपनी तकनीकी व शोध क्षमताओं का खाका पेश करेंगी।

जमीनी समाधान के लिए हस्ताक्षरित होंगे एमओयू

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “इन्क्लूसिव ईकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल इंपावरमेंट” विषय पर विस्तृत परिचर्चा होगी। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, एमएसएमई, कौशल विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कल्याण जैसे विभाग अपनी चुनौतियां प्रस्तुत करेंगे। शोध को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीनी समस्याओं के हल में बदलने के लिए AIGGPA और केंद्रीय संस्थानों के बीच कई द्विपक्षीय एमओयू (MoU) भी हस्ताक्षरित किए जाएंगे।

 

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