भोपाल। मध्य प्रदेश में धनतेरस के पावन अवसर पर समूचे बाजार ग्राहकों से गुलजार दिखाई दिए। त्योहार के इस खास मौके पर राज्य भर में सोना-चांदी के आभूषणों, परिधानों, ऑटोमोबाइल और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बंपर बिक्री दर्ज की गई। व्यापारिक संगठनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में इस बार 4500 करोड़ रुपये से अधिक का विशाल कारोबार संपन्न हुआ। यदि भोपाल और इंदौर जैसे प्रदेश के प्रमुख महानगरों की बात करें, तो इस दौरान 26 हजार से भी अधिक नए वाहनों की बिक्री हुई।
राजधानी भोपाल में वाहनों और रियल एस्टेट का कारोबार
धनतेरस पर राजधानी भोपाल के व्यापारिक केंद्रों और शोरूमों में ग्राहकों की भारी चहल-पहल देखी गई, जहां लोगों ने लगभग 16000 नए वाहन खरीदे। इस बार भारतीय बाजार में पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग सर्वाधिक रही, जिसमें कुल बिके वाहनों में से 13 प्रतिशत हिस्सेदारी ईवी की रही। दोपहिया वाहनों और स्कूटी के साथ-साथ एसयूवी श्रेणी की गाड़ियों की भी खूब बिक्री हुई, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में कुल वाहन बिक्री में 2 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, रियल एस्टेट क्षेत्र में भी बड़ा उछाल देखने को मिला, जहां धनतेरस के दिन लगभग 40 करोड़ रुपये की संपत्ति के सौदे हुए और 668 संपत्तियों के पंजीयन (रजिस्ट्री) से राज्य सरकार के खजाने में 13 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इंदौर में लक्जरी गाड़ियों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स का आकर्षण
व्यापारिक नगरी इंदौर के राजबाड़ा, क्लॉथ मार्केट और सराफा बाजार समेत तमाम छोटे-बड़े बाजारों में धनतेरस का जबरदस्त उत्साह नजर आया, जहां नागरिकों ने करोड़ों रुपये की जमकर खरीदारी की। लोगों ने झाड़ू, पूजा सामग्री और बर्तनों जैसी पारंपरिक वस्तुओं के साथ-साथ सोने-चांदी के जेवर, वस्त्र और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्राथमिकता दी। इस बार बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक वाले होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स की विशेष मांग रही। वहीं, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मर्सिडीज और ऑडी जैसी लक्जरी कारों की भी जमकर बिक्री हुई, जिसमें 1.70 करोड़ रुपये मूल्य की मर्सिडीज जीएलएस कार की खरीदारी भी शामिल है।
जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का व्यापारिक प्रदर्शन
राजधानी और इंदौर की भांति जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर व्यापार में जबरदस्त उछाल आया। जबलपुर के गोरखपुर, बड़ा फुहारा-छोटा फुहारा, कमानिया गेट और गंजीपुरा जैसे प्रमुख बाजारों को मिलाकर लगभग 600 करोड़ रुपये का कुल कारोबार हुआ। ग्वालियर के प्रसिद्ध महाराजबाड़ा क्षेत्र में खरीदारों की विशाल भीड़ उमड़ी, जहां व्यापारिक संघों के अनुसार रात नौ बजे तक 400 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई, जिसमें केवल ऑटोमोबाइल क्षेत्र का योगदान 200 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, धार्मिक नगरी उज्जैन के बाजारों में भी 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया, जिससे समूचे प्रदेश का व्यापारिक माहौल बेहद सकारात्मक रहा।

