भोपाल। बुधवार के दिन पुलिस स्मृति दिवस के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी में आयोजित मुख्य समारोह में देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हम सब अमर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हमारा देश अब नक्सलवाद के साए से पूरी तरह बाहर आ चुका है, हालांकि वह दौर बेहद कठिन था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में सबसे पहले मध्य प्रदेश ही नक्सलमुक्त राज्य बना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में ही इस विकट चुनौती पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की गई है।
लोकतंत्र की रक्षा में पुलिस बल की अतुलनीय भूमिका
प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाए जाने वाले पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में भव्य मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिरकत करते हुए वीर जवानों की टुकड़ियों से सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कश्मीर के लाल चौक से लेकर देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले तक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को शान से फहराने का कार्य हमारे देश के सशस्त्र बलों और पुलिस जवानों की अदम्य वीरता के कारण ही संभव हो सका है। हमारे देश के जीवंत लोकतंत्र को सुरक्षित रखने और उसे बचाए रखने का सबसे बड़ा श्रेय हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस बल के समर्पण को जाता है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने इन वीर शहीदों को किया नमन
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से याद किया और उन्हें शत-शत नमन किया। उन्होंने शहीद निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) आशीष शर्मा, शहीद उप निरीक्षक अशोक शर्मा, शहीद सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा, शहीद प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर, शहीद कार्यवाहक प्रधान आरक्षक ओम प्रकाश भवेदी, शहीद कार्यवाहक प्रधान आरक्षक सर्जन सिंह भील, शहीद महिला आरक्षक आरती पाल, शहीद आरक्षक महेश प्रसाद पाठक और शहीद आरक्षक विकास चतुर्वेदी के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके साहस को सलाम किया।

