भोपाल को मिली बड़ी पहचान, महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के साथ 595 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर

भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी अक्टूबर 2026 के दौरान प्रतिष्ठित 'महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। बरखेड़ा नाथू स्थित आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, बैठक में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना तथा प्रदेश में आईटी पार्कों के विकास के लिए भारी-भरकम राशि स्वीकृत किए जाने पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय और आयोजन का स्वरूप

दतिया विधानसभा उपचुनाव में व्यस्तता के चलते बैठक में अधिकांश मंत्री वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस प्रतिष्ठित हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन 'हॉकी इंडिया' और मध्य प्रदेश शासन के 'खेल एवं युवा कल्याण विभाग' के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में भारत, चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे प्रमुख एशियाई देशों के लगभग 200 प्रतिभाशाली खिलाड़ी और उनका सपोर्ट स्टाफ हिस्सा लेगा।

8 हजार रोजगार सृजन और वित्तीय आवंटन

समझौते के प्रावधानों के तहत, प्रेजेंटिंग पार्टनर राइट्स के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 'हॉकी इंडिया' को 11 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, जबकि अन्य सभी प्रबंधों और व्यवस्थाओं पर 7.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कैबिनेट ने आईआईएसईआर (IISER) में ड्रोन तकनीक आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आईटी पार्क की स्थापना हेतु कुल 595 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इस निवेश से राज्य में तकनीकी विकास को गति मिलेगी और लगभग 8 हजार से अधिक स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा, नवीन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम सहित अन्य संस्थाओं को सहायता के रूप में 110 करोड़ रुपये तथा क्लाउड सेवाओं के प्रबंधन हेतु 26.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

महिला सशक्तीकरण और अन्य विकास परियोजनाएं

बैठक में महिला कल्याण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नवगठित जिलों में महिलाओं को विभिन्न योजनाओं व नीतियों के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष इकाइयों के साथ पाँच नए 'शक्ति सदन' स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, कामकाजी महिलाओं के लिए संचालित 'सखी निवास' योजना को निरंतर रूप से जारी रखने के लिए 198 करोड़ 59 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के एक पद सहित कुल 10 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। साथ ही, प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से जुड़ी योजनाओं के लिए 129 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रिहंद माइक्रो सिंचाई और मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं के संचालन को भी 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने की स्वीकृति दी गई है।

कर्मचारी कल्याण और ग्वालियर में नया कार्यालय

राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं को मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 982 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की है। इस कोष से पेंशनर कल्याण कोष, परिवार कल्याण निधि पर ब्याज और कर्मचारी समूह बीमा योजनाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न कृषि उपजों पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को जारी रखने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा 'मध्य प्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011' में संशोधन को भी हरी झंडी दे दी गई है।

क्षेत्रीय प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षण का एक नया वृत्त (सर्कल) कार्यालय खोले जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 9 नए पदों का सृजन किया गया है। वर्तमान में सागर, शहडोल और नर्मदापुरम को छोड़कर शेष सभी संभागों में यह कार्यालय कार्यरत हैं, जबकि ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा व राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य अब तक भोपाल मुख्यालय से संचालित होते थे, जिससे इस नए कार्यालय के खुलने से आम जनता और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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