भोपाल में 12 हजार करोड़ के कारोबार पर संकट की आशंका, व्यापारिक गतिविधियों पर नजर

28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल, चेक क्लियरिंग से नकद लेन-देन तक प्रभावित होंगे काम

भोपाल। आगामी 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल ने भोपाल के थोक और खुदरा कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। इस तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान नकद लेन-देन, चेक क्लियरिंग, डिमांड ड्राफ्ट (डीडी), ऋण और बैंक शाखाओं से जुड़े अन्य कारोबारी भुगतान ठप होने की आशंका है, जिसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

करोड़ों के कारोबार पर पड़ सकता है असर

एसएलबीसी मध्य प्रदेश के 31 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अकेले भोपाल में प्रतिदिन लगभग 4,017 करोड़ रुपये की बैंकिंग गतिविधियां होती हैं। इस हिसाब से तीन दिनों में करीब 12,052 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, हालांकि यह दैनिक गतिविधियों के आधार पर लगाया गया एक अनुमान है।

27 सितंबर को खुले रहेंगे बैंक

लगातार पांच दिनों तक बैंक बंद रहने की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने राहत दी है। 26 सितंबर की छुट्टी के बाद, 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे, ताकि ग्राहक हड़ताल शुरू होने से पहले अपने जरूरी काम और वित्तीय लेनदेन पूरे कर सकें।

डिजिटल सेवाएं चालू, लेकिन शाखाओं का काम ठप

  • हड़ताल के दौरान यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

  • इसके बावजूद चेक, डीडी और नकदी पर निर्भर रहने वाले कारोबारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

  • हड़ताल के आखिरी दिन यानी 30 सितंबर को बैंकों की अर्धवार्षिक लेखाबंदी भी है, जिससे ट्रेजरी, रिकॉन्सिलिएशन और सेटलमेंट जैसे कार्यों में पहले से ही व्यस्तता रहती है।

शाखा आधारित कामकाज बंद रहने और चेक क्लियरिंग में देरी होने से थोक और खुदरा बाजारों का भुगतान चक्र (पेमेंट साइकिल) धीमा पड़ सकता है।

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