उज्जैन: बाबा महाकाल की पवित्र नगरी में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक स्थानीय युवक के मोबाइल पर पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप कॉल और संदेश आने लगे। इन संदेशों में सनसनीखेज दावा किया गया कि उज्जैन के प्रसिद्ध टॉवर चौक को 10 किलो आरडीएक्स (RDX) विस्फोटक से उड़ा दिया जाएगा। युवक ने बिना देर किए मुस्तैदी दिखाई और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया और बाद में स्थिति नियंत्रण में होने की बात कहते हुए आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने व दहशत में न आने की अपील की।
पाकिस्तानी नंबर से मिली बम धमाके की धमकी
बम से उड़ाने की यह धमकी भरी सूचना शहर के एक युवा फोटोग्राफर अजय पटेल के व्हाट्सएप नंबर पर मिली। सोमवार शाम करीब 4 बजकर 13 मिनट पर आए इस मैसेज में लिखा था कि आज शाम 6 बजे उज्जैन के टॉवर चौक पर धमाका होने वाला है, वह एक रॉ एजेंट है, इसलिए जल्दी से नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे दो। इसके बाद करीब 4 बजकर 28 मिनट तक लगातार ऐसे मैसेज आते रहे, जिसमें टॉवर चौक पर 10 किलो आरडीएक्स रखे होने की बात कही गई। मैसेज भेजने वाले का नंबर पाकिस्तानी (+92) कोड से शुरू हो रहा था और प्रोफाइल पर मोहम्मद मुश्ताक शाह नाम दिखाई दे रहा था। घबराए बिना युवक ने फौरन डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस की मुस्तैदी और 'प्रैंक' का यू-टर्न
धमकी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। माधवनगर थाना पुलिस ने तुरंत युवक से संपर्क किया और उसका मोबाइल लेकर उस संदिग्ध नंबर से खुद चैट करना शुरू किया। इस बीच पूरे शहर में अलर्ट जारी कर बम और डॉग स्क्वायड की टीम को टॉवर चौक पर तलाशी के लिए उतारा गया। जांच-पड़ताल के बाद शाम को पुलिस ने युवक का मोबाइल लौटा दिया। लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब उसी रात 8 बजकर 8 मिनट पर उसी पाकिस्तानी नंबर से दोबारा मैसेज आया। इस बार मैसेज में लिखा था कि यह सिर्फ एक 'प्रैंक' (मजाक) था और इसके लिए माफी मांगते हुए लिखा कि पाकिस्तान के लोग भारत से बहुत प्यार करते हैं। इसके बाद युवक ने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया।
एसपी ने कहा- मामला फर्जी, पैनिक न हो जनता
इस पूरे संवेदनशील मामले पर उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है। उन्होंने बताया कि साइबर सेल, क्राइम ब्रांच, माधवनगर पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तुरंत काम पर लगा दिया गया था। शुरुआती जांच और छानबीन से साफ है कि यह महज एक फर्जी और शरारतपूर्ण मैसेज था। शहर की सुरक्षा पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को डरने या पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और संदेश भेजने वाले की तकनीकी जानकारी निकालकर आगे की कार्रवाई के लिए इंटेलिजेंस और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की गई है।

