महिला आरक्षण के असर से बदली राजनीति, बढ़ी महिला भागीदारी

चंडीगढ़। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संसद में पारित होने के बाद, अब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगा है। आगामी निकाय चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने टिकट वितरण में महिलाओं को खासी तरजीह दी है। यह बदलाव साफ संकेत देता है कि राजनीतिक दल अब महिलाओं को केवल 'वोट बैंक' के रूप में ही नहीं, बल्कि सक्रिय नेतृत्व के तौर पर देख रहे हैं।


टिकट वितरण: भाजपा बनाम कांग्रेस

निकाय चुनावों (नगर निगम, परिषद और पालिका) के लिए जारी की गई सूचियों में दोनों प्रमुख दलों ने महिलाओं को महत्वपूर्ण भागीदारी दी है:

  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): पार्टी ने अब तक घोषित 117 उम्मीदवारों में से 47 सीटों पर महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है। यह कुल सीटों का लगभग 40.7% है।

  • कांग्रेस: कांग्रेस ने अब तक जारी 45 टिकटों में से 27 महिलाओं को आवंटित किए हैं, जो कि 60% की बड़ी हिस्सेदारी है। हालांकि, कांग्रेस की अंतिम सूची 25 अप्रैल तक आने की संभावना है, जिससे ये आंकड़े बदल सकते हैं।

प्रमुख जिलों में भागीदारी का विवरण

जिला/निकायभाजपा (महिला उम्मीदवार)कांग्रेस (महिला उम्मीदवार)
सोनीपत22 में से 918 में से 9
अंबाला20 में से 920 में से 8
पंचकूला20 में से 718 में से 6
मेयर पद3 में से 13 में से 2
रेवाड़ी32 में से 13सूची प्रतीक्षित
सांपला16 में से 6सूची प्रतीक्षित

 

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