इंडिया ब्लॉक की रैली में फर्जी वीडियो से मचाई गई सनसनी, जांच में सामने आया बांग्लादेशी कनेक्शन

नई दिल्ली। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा आयोजित 'चलो दिल्ली रैली' के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी वीडियो प्रसारित कर देश की राजधानी का माहौल बिगाड़ने का असफल प्रयास किया गया। रैली के समय बांग्लादेश में हुई तख्तापलट हिंसा के पुराने वीडियो फुटेज इंटरनेट पर जारी कर दुष्प्रचार किया गया। एक भ्रामक पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की है जिसमें चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान चली गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तथ्य जांच (फैक्ट चेक) के जरिए इस दावे का खंडन किया और स्थिति स्पष्ट की।

फर्जी वीडियो और एआई निर्मित तस्वीरों पर दिल्ली पुलिस की कड़ी नजर

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर असत्य जानकारी फैलाने वाले कई हैंडल पुलिस की निगरानी में आ गए हैं। रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा के दौरान भीड़ को लेकर वर्ष 2025 की पुरानी रैलियों के वीडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा तैयार की गई फर्जी तस्वीरें व वीडियो तेजी से शेयर किए गए थे। जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो वास्तव में दिसंबर 2025 में आयोजित एक पुरानी रैली का था, जिसे हालिया आयोजन का बताकर भ्रामक रूप से पेश किया जा रहा था।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी और बांग्लादेशी वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर बढ़ते अफवाहों के बाजार को शांत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि प्रसारित किए जा रहे हिंसक दृश्य बांग्लादेश की पुरानी घटनाओं के हैं और इनका दिल्ली की रैली से कोई सरोकार नहीं है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार करना साइबर कानून एवं भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पुलिस वाहन पर अनधिकृत नारा लिखने के मामले में प्राथमिक दर्ज

इसके अतिरिक्त, रामलीला मैदान में रैली के दौरान एक पुलिस वाहन पर स्प्रे पेंट से नारा लिखने का मामला भी सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कमला मार्केट थाना पुलिस ने दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन घटना से जुड़े वीडियो फुटेज खंगालकर नारा लिखने वाले अज्ञात व्यक्ति और उसके सहयोगियों की पहचान करने में जुटा हुआ है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित दंडात्मक कदम उठाए जा सकें।

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