नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाले जाने की घोषणा से देश और दिल्ली के प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों ने पूरी तरह से किनारा कर लिया है। इन संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य राजनीतिक है, इसलिए उनका इससे कोई सरोकार नहीं है।
राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने का स्पष्ट निर्णय
ट्रांसपोर्ट संगठनों के पदाधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि वे किसी भी ऐसे राजनीतिक मंच या आंदोलन का हिस्सा नहीं बनेंगे जहां समस्याओं के वास्तविक समाधान की बजाय केवल सियासत की जा रही हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान ढूंढना है।
हालिया उग्र प्रदर्शनों की घटनाओं से लिया बड़ा सबक
संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हालिया दिनों में सामने आए उग्र विरोध प्रदर्शनों से उन्होंने कड़ा सबक लिया है। इस तरह के हिंसक और तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए ट्रांसपोर्ट संगठनों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इस मार्च से अलग रहने का फैसला किया है।
समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदार प्रयासों की मांग
ट्रांसपोर्ट जगत के प्रमुख नेताओं का कहना है कि वे सरकार के सामने अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण और तार्किक तरीके से रखने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने दोहराया कि वे किसी भी ऐसे हथियार या आंदोलन का हिस्सा नहीं बनेंगे जिसमें जनहित के मुद्दों को दरकिनार कर केवल राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हों।

