E20 petrol Arvind Kejriwal नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया. एक ओर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री आवास (PS House) तक मार्च का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट यूनियन ने भी E20 पेट्रोल के विरोध में संसद की ओर कूच की तैयारी की. इससे E20 फ्यूल को लेकर चल रही बहस और तेज हो गई है.
ट्रंप के दबाव में मोदी जी अमेरिका से भारी मात्रा में ethanol ख़रीद रहे हैं। ट्रंप की गुलामी ये कर रहे और गाड़ियां आम आदमी की ख़राब हो रही हैं।
आज हम 2 lakh से ज़्यादा petitions लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं उनसे निवेदन करने कि वो ऐसा न करें। हमारे साथ 100 ऐसे लोग हैं जिनकी… pic.twitter.com/nGJJRr2NOT
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 4, 2026
E20 petrol Arvind Kejriwal:फ़िरोज़ शाह रोड पर पुलिस ने रोका मार्च
अरविंद केजरीवाल अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उनका काफिला फ़िरोज़ शाह रोड पर ही रोक दिया. इसके बाद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
2.30 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका लेकर पहुंचे केजरीवाल
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे अपने साथ 2.30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका लेकर आए हैं. उनका कहना था कि सरकार देशभर के लोगों पर जबरन E20 पेट्रोल लागू करने की कोशिश कर रही है.
केजरीवाल ने कहा,“हम यहां केवल प्रधानमंत्री से मिलने आए हैं.सरकार जनता पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोपना बंद करे.”
AAP ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल को लागू करने का फैसला बिना व्यापक जनचर्चा और पर्याप्त तैयारी के लिया है। पार्टी का कहना है कि इस नीति का असर करोड़ों पुराने वाहन मालिकों पर पड़ेगा और उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।
AAP का दावा है कि सरकार ने पुराने वाहनों की तकनीकी क्षमता और आम लोगों की चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
ट्रांसपोर्ट यूनियन का भी विरोध
E20 पेट्रोल के खिलाफ ट्रांसपोर्ट यूनियन भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है. यूनियन का कहना है कि यदि इस ईंधन को व्यापक स्तर पर लागू किया गया तो परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ सकता है. इसी मुद्दे को लेकर यूनियन संसद की ओर मार्च करने की तैयारी में है.
आज और तेज हो सकती है E20 पर बहस
दिल्ली में एक ही दिन राजनीतिक दल और ट्रांसपोर्ट संगठनों के विरोध के चलते E20 पेट्रोल का मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है. जहां विपक्ष इस नीति पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से आयातित तेल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस और तेज होने की संभावना है.

