नई दिल्ली। नीट-जी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई एक सप्ताह के भीतर दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल कर सकती है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, एजेंसी की चार्जशीट में एनटीए या केंद्र सरकार के किसी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। मामले में एनटीए द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञों, कोचिंग सेंटर संचालकों, बिचौलियों और परीक्षार्थियों को आरोपी बनाया जा सकता है। सीबीआई ने अब तक राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन्हीं 13 आरोपियों को मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
सीबीआई ने 28 जुलाई को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उस समय एजेंसी ने अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच जारी रखने की बात कही थी। एजेंसी को केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, सरकारी प्रश्नित दस्तावेज परीक्षक और दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार था। पहली चार्जशीट में सीबीआई ने बताया था कि एनटी ने नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के कई चरणों में उन्हीं तीन विषय विशेषज्ञों को दोबारा जिम्मेदारी दी थी।
13 आरोपियों के खाते और लॉकर फ्रीज
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट फ्रीज किए हैं।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार और एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इस पूरे विवाद के दौरान देशभर में 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आई थीं।

