नई दिल्ली | मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध रूप से चल रहे गेस्ट हाउस और होम स्टे (बीएंडबी) के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू कर दिया है। घटना के तुरंत बाद जमीनी हालात का जायजा लेने पहुंचे दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने लापरवाह तंत्र पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नाक के नीचे इस तरह के गैर-कानूनी काम हो रहे हैं और वे मूकदर्शक बने हुए हैं। नियमों के तहत कार्रवाई सिर्फ कागजी कागजों तक सीमित रह गई है। उन्होंने जिला प्रशासन को पूरे प्रभावित क्षेत्र का 24 घंटे में जमीनी सर्वे मुकम्मल करने का अल्टीमेटम देते हुए साफ किया कि अब चेतावनी का वक्त खत्म हो चुका है और सीधे सख्त एक्शन लिया जाएगा।
नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों को बिना नोटिस सीधे सील करने के आदेश
गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), नगर निगम (एमसीडी) और अन्य संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) योजना की आड़ में मनमानी करने वाले सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और खान-पान के ढाबों पर फौरन शिकंजा कसा जाए। आदेश के मुताबिक, जिन लोगों ने निर्धारित सीमा (6 कमरे) से अधिक व्यावसायिक विस्तार कर रखा है, उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके प्रतिष्ठानों को सीधे सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे अवैध परिसरों के बिजली और पानी के कनेक्शन भी तत्काल प्रभाव से काटने को कहा गया है।
एक ही निकास द्वार वाली इमारतें 'नो गो जोन' घोषित, फायर एनओसी की खुलेआम अनदेखी
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन इमारतों में बीएंडबी का लाइसेंस तो है, लेकिन वहां आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता या मुख्य द्वार मौजूद है, उन्हें फौरन बंद (सील) किया जाए। दमकल विभाग की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हौजरानी के करीब-करीब हर घर में इस नीति की आड़ में होम स्टे या रेस्तरां धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं, जबकि इनमें से ज्यादातर के पास अनिवार्य 'फायर एनओसी' (अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र) तक नहीं है। वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान पर्यटकों को ठहराने के लिए लाई गई इस सरल योजना का दिल्ली में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है, जहाँ 1000 से अधिक जगहों पर नियमों को ताक पर रखकर सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।
बिजली ओवरलोडिंग से आग की आशंका, 24 घंटे में मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट
अग्निशमन विभाग हादसे की मुख्य वजहों की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है। शुरुआती तफ्तीश में यह अंदेशा जताया गया है कि बिजली के मीटर या तारों पर अत्यधिक भार (ओवरलोडिंग) होने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। गृह मंत्री ने आला अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर इस पूरी घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी, एमसीडी कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें साफ हिदायत दी गई है कि जांच के समानांतर ही सीलिंग की कार्रवाई भी शुरू की जाए ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी जानलेवा हादसे को रोका जा सके।

