नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर हाल ही में आयोजित प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'फेस रिकॉग्निशन सिस्टम' (FRS) की मदद से भीड़ में मौजूद कई खूंखार अपराधियों की पहचान की गई है। इस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन की आड़ में डकैती और लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों में आधा शतक (50 से अधिक मामले) लगा चुके कई कुख्यात बदमाश भी शामिल थे।
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से खुली अपराधियों की पोल
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा तैनात किए गए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों और फेस रिकॉग्निशन तकनीक ने भीड़ में मौजूद लोगों के चेहरों का मिलान पुलिस के आपराधिक डेटाबेस से किया। इस दौरान प्रणाली ने कई ऐसे संदिग्धों को चिन्हित किया जो संगीन अपराधों में वांछित हैं या जिनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस को भीड़ के पीछे छिपे अपराधियों को आसानी से पकड़ने में मदद मिली है।
आधा शतक लगा चुके नामी डकैत भी थे मौजूद
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई बदमाश ऐसे थे जिन पर डकैती, लूट, रंगदारी और चोरी के 50 से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। ये शातिर अपराधी आम लोगों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ का फायदा उठाकर किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने या क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने की फिराक में थे। कई आरोपी पूर्व में भी विभिन्न जेलों में सजा काट चुके हैं।
प्रदर्शन की आड़ में उपद्रव फैलाने की थी आशंका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन शातिर अपराधियों की मौजूदगी महज इत्तेफाक नहीं थी। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि कहीं इन बदमाशों को भीड़ का इस्तेमाल कर उपद्रव फैलाने, हिंसा भड़काने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के लिए जानबूझकर तो नहीं बुलाया गया था। संदिग्धों की गतिविधियों पर पहले से ही खुफिया टीमों की कड़ी नजर थी।
दिल्ली पुलिस ने शुरू की धरपकड़ और कानूनी कार्रवाई
तकनीकी पहचान स्थापित होने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने चिन्हित किए गए बदमाशों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस की विशेष टीमें FRS द्वारा पहचाने गए अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में किसी भी प्रदर्शन के दौरान उपद्रवी या आपराधिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

