केंद्र ने शनिवार को दिल्ली हाई कोर्ट Delhi High Court के जज के तौर पर सात ज्यूडिशियल अधिकारियों की नियुक्ति को नोटिफाई कर दिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आठ नामों की सिफारिश की थी.
गुरविंदर पाल सिंह को नहीं मिली मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को आठ ज्यूडिशियल ऑफिसर्स, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-I, भरत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट, अरुण भारद्वाज और गुरविंदर पाल सिंह के नाम नोटिफाई किए.
हालांकि, केंद्र ने X पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पोस्ट किए गए नोटिफिकेशन के ज़रिए सिर्फ़ सात के अपॉइंटमेंट को मंज़ूरी दी, और गुरविंदर पाल सिंह के नाम को मंज़ूरी नहीं दी.
अभी क्या काम करते है नए मंजूर किए गए 7 जज
जहां निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को परमानेंट जज अपॉइंट किया गया है, वहीं संजय शर्मा-I, भरत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट, अरुण भारद्वाज को एडिशनल जज अपॉइंट किया गया है.
भारद्वाज अभी दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के तौर पर काम कर रहे हैं, जबकि पराशर सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल हैं.
सक्सेना रोहिणी नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज हैं, जबकि शर्मा-I कड़कड़डूमा नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज के तौर पर काम करते हैं. भट्ट राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज-कम-स्पेशल जज (PC Act) (CBI) हैं.
Delhi High Court में कितने जजों की थी ज़रुरत
आपको बता दें, Delhi High Court के दो ज्यूडिशियल ऑफिसर – निवेदिता अनिल शर्मा और डॉ. चौधरी – रिटायर हो गए हैं. इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों के मुताबिक, उनके नाम और गुरविंदर पाल सिंह के नाम की सिफारिश पहले दिल्ली हाई कोर्ट कॉलेजियम ने हाई कोर्ट में प्रमोशन के लिए की थी.
सेंटर की मंज़ूरी के साथ, हाई कोर्ट, जो अभी 60 मंज़ूर जजों के मुकाबले 44 जजों के साथ काम कर रहा है, अब 51 जजों के साथ काम कर पाएगा.
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