न्यायपालिका की विश्वसनीयता खतरे में, संजय सिंह ने जज के घर नोटों के बंडल मामले में मांगा इस्तीफा

Justice Yashwant Verma Case : दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज जस्टिस यशवंत वर्मा  के घर से  करोड़ों रुपए के नोटों के बंडल मिलने पर आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि जज के यहां नोटों के बंडल नहीं जल रहे हैं, बल्कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता जल रही है. न्यायपालिका हर तरह के फैसले लेने के लिए स्वतंत्रता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में कई फैसले सवालों के घेरे में आए हैं.

Justice Yashwant Verma Case :’न्यायपालिका की विश्वसनीयता जल रही है.

संजय सिंह ने कहा कि  संभव है कि इसके पीछे रुपयों का लेनदेन और भ्रष्टाचार हो. उन्होंने कहा कि नोटों के बंडल मिलने को लेकर जज की सफाई भी बहुत हास्यास्पद है. हमने संसद में इसकी चर्चा कराने की मांग की है. न्यायपालिका में लोगों का भरोसा कायम रखने के लिए जज से इस्तीफा ले लेना चाहिए, क्योंकि उनको पद पर बने रहने से निष्पक्ष जांच संभव नहीं है.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने जज के घर पर नोटों की गड्डियां मिलने को लेकर कहा कि मैं समझता हूं कि यह नोटों के बंडल नहीं जल रहे हैं, बल्कि न्याय पालिका की विश्वसनीयता जल रही है. भारतीय न्यायपालिका के पास असीम अधिकार है. हर तरह के फैसले लेने की स्वतंत्रता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में बहुत सारे फैसले सवालों के घेरे में आए हैं. हो सकता है कि उसके पीछे कहीं न कहीं रुपए का लेनदेन और भ्रष्टाचार की प्रैक्टिस चलती हो. जजों के भ्रष्टाचार की कोई जांच नहीं हो पाती है. जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच को लेकर कई सारी पाबंदियां हैं.

नोटों की बोरिया नहीं न्यायपालिका की विश्वसनीयता जली

संजय सिंह ने आगे कहा कि यह पहला मामला सार्वजनिक हुआ है. यह भी एक दुर्घटनावश सार्वजनिक हुआ है. वहां आग लगी और फायर ब्रिगेड पहुंचा, तब यह मामला सार्वजनिक हुआ है. इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए. इसमें तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं. यह भी बात सामने आ रही है कि यह पैसा एक बड़े रिटायर्ड जज का है. उन्होंने कहा कि वो मौजूदा जज के करीबी बताए जा रहे हैं. यह भी पता चल रहा है कि किसी केस के सिलसिले में यह लेनदेन का मामला है. इसलिए न्यायपालिका की विश्वसनीयता को कायम रखने के लिए इसकी तह तक जाना जरूरी है. न्यायपालिका पर यह जो काला दाग लगा है, इसको मिटाने की कोशिश के लिए इसकी तह तक जाना जरूरी है.

संजय सिंह ने मांगा जज का इस्तीफा

संजय सिंह ने कहा कि हम लोगों ने सभापति से संसद में भी इस मामले की चर्चा कराने की मांग की है, क्योंकि यह कोई छोटा मामला नहीं है. हाईकोर्ट के जज के घर में करोड़ों रुपए के नोटों का बंडल मिला है. जज साहब इसकी सफाई में जो कह रहे हैं, वह बहुत हास्यास्पद लगता है.

उन्होंने कहा कि उसकी सफाई कॉमेडी सर्कस का एक जोक लगता है. इसके अलावा कुछ नहीं लगता है. जिन लोगों के घरों में एक रुपए भी बरामद नहीं होता है, उनको सरकार फांसी पर चढ़ाने के लिए तैयार हो जाती है, जिस जज के घर में नोटों का बंडल मिल रहा है, उस पर सफाई देना कोई मायने नहीं रखता है.

संजय सिंह ने कहा कि जज साहब का इस्तीफा होना चाहिए. जब तक वह अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष जांच संभव ही नहीं है. अगर हाईकोर्ट का एक जज अपने पद पर बना रहेगा तो उसके खिलाफ कौन सी एजेंसी जांच कर सकती है और कैसे निष्पक्ष जांच संभव है. जज साहब को कोई काम आवंटित करना या नहीं करना अलग विषय है, लेकिन उनके घर में करोड़ों रुपए के नोटों का बंडल मिल रहा है तो कम से कम जांच तक उनको अपने पद से बाहर रहना चाहिए. इसलिए उनका इस्तीफा लिया जाना चाहिए.

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