बिजली बिल सुधार की मांग पर उपभोक्ता ने सुनाई पीड़ा, मंत्री के सामने रखी शिकायत

फरीदाबाद। जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक उपभोक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने बिजली विभाग के कर्मचारियों की प्रताड़ना का गंभीर मुद्दा उठाया। सेहतपुर सूर्या विहार पार्ट तीन के निवासी गोपाल सिंह महरा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों से उनका बिजली का बिल ठीक नहीं किया गया है और विभाग ने उनका मीटर भी उतार लिया। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर काटे और अधिकारियों पर दबाव बनाया, तो बिजली कर्मचारियों ने उन्हें सीधे तौर पर बिजली चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली।

पीड़ित की शिकायत पर जांच समिति का गठन

उपभोक्ता की इस गंभीर परेशानी और कर्मचारियों के अड़ियल रवैये को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन कर दिया है। इस जांच समिति की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसमें एक गैर-सरकारी सदस्य को भी शामिल किया गया है, जो पूरे मामले की बारीकी से समीक्षा करेगा।

अगली बैठक तक मामला लंबित रखने के निर्देश

मंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस शिकायत को अगली बैठक तक के लिए लंबित रखने का निर्देश दिया है। जांच समिति को आदेश दिए गए हैं कि वे बिजली विभाग और उपभोक्ता के बीच चल रहे इस विवाद के हर पहलू की गहराई से जांच करें। जब तक समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देती और सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक इस विषय पर आगामी बैठक में दोबारा विचार किया जाएगा।

हाईटेंशन लाइन को हटाने के कड़े आदेश

इसी बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मामले पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मोठूका गांव के ऊपर से गुजर रही खतरनाक हाईटेंशन बिजली लाइन को आगामी 20 जुलाई तक हर हाल में वहां से हटाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस कार्य को समय पर पूरा करना अनिवार्य किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

काम पूरा होने पर रिपोर्ट सौंपने की हिदायत

अधिकारियों को न सिर्फ हाईटेंशन लाइन को हटाने का काम समय पर पूरा करने को कहा गया है, बल्कि काम खत्म होने के तुरंत बाद इसकी एक विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भी आला अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने साफ किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर ही जनता को राहत पहुंचाई जानी चाहिए।

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