UP Road Projects लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आधुनिक और विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की. बैठक में एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा. इससे निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बन चुका है और यहां विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
UP Road Projects:2014 के बाद 10,204 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का आवंटन
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जबकि 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है. प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर अब तक 1.94 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही लगभग 23,445 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है.

इन प्रमुख परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
समीक्षा बैठक में कई अहम परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं—
- मथुरा-बरेली-सितारगंज फोरलेन हाईवे
- आगरा-अलीगढ़ फोरलेन परियोजना
- आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक कॉरिडोर
- कानपुर रिंग रोड
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) कनेक्टिविटी
- मुरादाबाद-काशीपुर फोर और सिक्स लेन परियोजना
- अयोध्या रिंग रोड
- सोनौली-गोरखपुर फोरलेन
- प्रयागराज सदर्न रिंग रोड
- गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग
इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी के साथ-साथ व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
बैठक में रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी और नेपाल के जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों तक आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा.
पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर
बैठक के दौरान बरेली बाईपास परियोजना में वृक्षों की कटाई का मुद्दा भी उठा. इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट कहा कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलने चाहिए. उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, पेड़ों की कटाई के बजाय आधुनिक तकनीक से उनका प्रत्यारोपण किया जाए.
सड़क सुरक्षा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता
नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए भी समान रूप से कार्य किया जाए. उन्होंने ब्लैक स्पॉट सुधार, आधुनिक संकेतक, सुरक्षित डिजाइन और सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
भविष्य की परियोजनाओं पर भी बनी रणनीति
बैठक में अयोध्या-गोंडा, रीवा-रांची फोरलेन, शामली से गोरखपुर तक 742 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे, प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, नए रिंग रोड, बाईपास और लखनऊ से चार लेन संपर्क से वंचित जिलों को जोड़ने जैसी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें. उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क नेटवर्क वाला राज्य बनेगा.

