CJP Protest Delhi : नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई गई है. जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है. आंदोलन की अगुवाई कर रहे संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस, बिजली-पानी की कटौती के आरोप और कैंडल मार्च के ऐलान ने इस मुद्दे को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा है.
CJP Protest Delhi : तीन दिवसीय आंदोलन का पूरा घटनाक्रम
इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 20 जून को दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद हुई थी. पहले दिन बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक थाली-चम्मच और पोस्टर लेकर जंतर-मंतर पहुंचे. हालांकि, शाम को तय समय सीमा खत्म होने के बाद जब पुलिस ने धरनास्थल खाली करने को कहा, तो प्रदर्शनकारियों ने हटने से साफ मना कर दिया. आंदोलनकारियों ने रात भी वहीं गुजारी, जहां उनके लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी. इस दौरान कुछ समय के लिए बिजली और पानी रोके जाने का विवाद भी सामने आया. अगले दिन 21 जून को री-नीट परीक्षा के समापन के बाद भी कुछ छात्र और अभिभावक इस मुहिम से जुड़े. वहीं आज, यानी 22 जून को तीसरे दिन आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके ने उन छात्रों की याद में शाम को कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है जिन्होंने इस विवाद के बीच आत्महत्या कर ली. इस बीच दीपके ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस जंतर-मंतर आने वाले लोगों से पहचान पत्र मांग रही है.
Why does the Delhi Police need Aadhaar cards from people who want to join a protest?
Since when did an Aadhaar card become mandatory to participate in a protest?
Do they also ask for Aadhaar cards at BJP’s political rallies?
Police is using Aadhaar card as an excuse to turn… pic.twitter.com/g54HorouAb
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 22, 2026
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे युवाओं और संगठन की मांगें पूरी तरह से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़ी हुई हैं. उनकी सबसे पहली मांग नीट पेपर लीक मामले की एक उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की है. इसके साथ ही, वे इस पूरी अव्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि जिन पीड़ित छात्रों ने मानसिक तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाए, उनके परिवारों को उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए. साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में बड़े और कड़े सुधार किए जाएं.
सोशल मीडिया से जमीन तक सीजेपी का सफर
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का वजूद एक अनूठे सफर की कहानी है. इसकी शुरुआत इंटरनेट पर एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी, जो धीरे-धीरे सोशल मीडिया से निकलकर युवाओं और छात्रों का एक बड़ा जमीनी आंदोलन बन गया. इस संगठन ने देश में लगातार होने वाले पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया है. जून की शुरुआत में भी इस पार्टी ने जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई थी, जिसके बाद अलग-अलग राज्यों में भी इनकी जनसभाएं आयोजित होने लगीं और अब यह आंदोलन दिल्ली के केंद्र में अपनी मांगें दोहरा रहा है.

