फरीदाबाद:हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद रूहकंपा देने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एसजीएम नगर थाना क्षेत्र में एक नौ वर्षीय मासूम बच्ची को बेहतर परवरिश और गोद लेने के झूठे बहाने अपने घर ले जाया गया। आरोप है कि उस घर में रहने वाले दो नाबालिग लड़कों ने मासूम बच्ची को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित बच्ची किसी तरह अपने परिवार के पास पहुंची और परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई।
नशीला पदार्थ पिलाकर रात के अंधेरे में दिया जाता था वारदात को अंजाम
पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों का दुस्साहस और क्रूरता इस कदर बढ़ चुकी थी कि वे बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत काम करते थे। मासूम बच्ची रात में शोर न मचा सके और किसी को इस घिनौने कृत्य की भनक न लगे, इसके लिए उसे जबरन भोजन या पानी में मिलाकर कोई नशीला पदार्थ पिला दिया जाता था। जब बच्ची पूरी तरह बेसुध हो जाती थी, तब दोनों नाबालिग आरोपी रात के अंधेरे में उसके साथ इस घिनौने अपराध को अंजाम देते थे।
ऑटो मालिक के झूठे भरोसे और झांसे में आकर पिता ने सौंपी थी लाडली
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में एक लाचार पिता की बेबसी और धोखे की दर्दनाक कहानी छिपी है। पुलिस को दी गई शिकायत में एसजीएम नगर क्षेत्र के रहने वाले एक ऑटो चालक ने बताया कि उसकी तीन बेटियां हैं और वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। कुछ समय पहले उसके ऑटो मालिक ने उससे संपर्क किया और कहा कि उसकी जान-पहचान में एक ऐसा संपन्न परिवार है जिसके पास केवल दो बेटे हैं और वे एक बेटी को गोद लेकर उसका पालन-पोषण करना चाहते हैं। ऑटो मालिक के इस भरोसे और बच्ची के उज्ज्वल भविष्य के झांसे में आकर पीड़ित पिता ने अपनी नौ साल की मासूम बेटी को उस परिवार के सुपुर्द कर दिया था।
परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश में पुलिस की मुस्तैदी
इस खौफनाक वारदात की जानकारी मिलते ही पीड़ित पिता तुरंत एसजीएम नगर थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की है और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) व सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है जो आरोपियों की धरपकड़ और मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लग गई है, साथ ही पीड़ित बच्ची को चिकित्सीय परीक्षण और काउंसिलिंग के लिए भेजा गया है ताकि उसे इस गहरे मानसिक आघात से उबारा जा सके।

