Tuesday, July 7, 2026
Home Breaking News Allahabad High Court ने उम्र कैद की सजा पाए आरोपियों को किया...

Allahabad High Court ने उम्र कैद की सजा पाए आरोपियों को किया बरी, निचली अदालत ने दी थी सजा

0
341

इलाहाबाद :इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने ज्ञानपुर के ऊंज थाना क्षेत्र में चौरहटा गांव में साल 2009 में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक हत्या में सभी आरोपियों को मिला उम्र कैद की सजा पलट दी.इसके साथ ही उन्हें अपराध से बरी कर दिया है. यह निर्णय न्याय मूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र और न्याय मूर्ति SAH रिजवी की खंडपीठ ने प्रेम शंकर उपाध्याय सहित छह आरोपियों की अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है.

Allahabad High Court
Allahabad High Court

Allahabad High Court ने 2009 के मामले पर की सुनवाई  

चौरहटा गावं में सितंबर साल 2009 में संगमल लाल गुप्ता,उनकी पत्नी सावित्री देवी ,दो बेटी अनीता और रानी के अलावा पौत्री गुड़िया की हत्या कर दी गई थी.घटना की सूचना मिलने पर गांव के चौकीदार सरजू की तहरीर पर गांव प्रधान की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ ऊंज थाने में FIR दर्ज हुई.कुछ दिन बाद मुंबई से आए उनके बेटे अवधेश कुमार ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था जो पुलिस की जांच में निर्दोष पाए गए थे. पुलिस ने कई बिंदुओं पर काम किया और साक्ष्य जुटाते हुए सात लोगों के खिलाफ हत्या और रेप का मुकदमा दर्ज कर दिया था.

कोर्ट ने आरोपियों को क्यों किया बरी

सत्र न्यायालय भदोही में प्रेम शंकर उपाध्याय,चंद्रप्रकाश गुड्डू मिश्र उर्फ सच्चिदानंद,तीर्थराज गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार बिंद,केदार मिश्र और श्यामदेव विश्वकर्मा दोषी पाए गए थे.सभी आरोपियों को आजीवन कारावास के सुना सजा सुनाई थी.अभियुक्त विजय गुप्ता की ट्रायल के दौरान मौत हो गई. सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त की हत्या के अपराध में संलिप्तता के साक्ष्य देने में विफल रहा. मामले में मोबाइल कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर लिप्त ठहराने की कोशिश की लेकिन मोबाइल अभियुक्तों का था.यह साबित नहीं हो सका.अभियोजन परिस्थिति साक्ष्य की कड़ियां जोड़ने में भी नाकाम रहा.सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों को समझने में गलती की और लास्ट सीन का भी कोई सबूत नही दिया.इसलिए सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया.