Saturday, June 27, 2026
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RTO ने स्कूल बसों को दिया अल्टीमेटम: नियमों की अनदेखी पर होंगे ब्लैक लिस्ट, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

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RTO ultimatum to school buses
RTO ultimatum to school buses

RTO ultimatum to school buses : नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन छात्रों को परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले बस व अन्य वाहनों के फिटनेस को लेकर स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं हैं. यही कारण है कि परिवहन विभाग द्वारा दो बार शिविर लगाने के बाद भी दर्जन भर से अधिक स्कूलों की बसें गायब रही. इसको लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल और ट्रांसपोर्ट कंपनी को नोटिस जारी किया है, साथ ही ब्लैक लिस्टेड करने का अल्टीमेटम दिया है.

RTO ultimatum to school buses  : कई स्कूलों की बसें नहीं पहुंच पाई…

स्कूल शुरू होने के पूर्व परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के लिए फिटनेस शिविर का आयोजन किया था, लेकिन इसमें गिने-चुने स्कूलों की ही गाड़ियां पहुंच पाई. इसके बाद 21 जून को फिर से फिटनेस कैंप का आयोजन किया गया. इसमें भी कई स्कूलों की बसें नहीं पहुंच पाई. परिवहन विभाग के बार-बार निर्देश के बाद भी स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट इस बात को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

विदित हो कि कई स्कूलों की बसें अनफिट स्थिति में छात्रों को लाने-जाने में उपयोग हो रही है तो कई स्कूलों की बस में अन्य खामियां हैं. जिसके कारण स्कूल प्रबंधन व ट्रांसपोर्ट वाहनों को फिटनेस जांच के लिए लेकर नहीं पहुंच रहे हैं. इसको लेकर परिवहन विभाग ने ऐसे सभी को नोटिस जारी कर 21 जून को शिविर का आयोजन किया है. इस शिविर में नहीं पहुंचने वाले बसों को अनफिट मानते हुए ब्लैक लिस्टेड करने का अल्टीमेटम दिया गया है.

इन स्कूलों की नहीं पहुंची थी बसें

डीपीएस ज्ञानधरा, अशोका पब्लिक स्कूल सारंगढ़, जानकी कॉलेज, कैरियर एकेडमिक, भारतमाता स्कूल, एरिसेंट स्कूल, रेनबो इंग्लिश मीडियम, लीटिल लावर, शोभा शिक्षण समिति, जेएमजे मॉनिग स्टार, उन्नायक सेवा, गोविंदराम बानी शिक्षण समिति, टीकाराम, महेश्वर शिक्षण समिति, सहित अन्य स्कूलों की वाहन फिटनेस जांच के लिए नहीं पहुंची.

सुरक्षा को ताक पर रखकर परिवहन

विदित हो कि ज्यादातर बसों का परिचालन प्रायवेट स्कूलों में किया जाता है और प्रायवेट स्कूल प्रबंधन ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर फीस छात्रों से पहले ही ले लेते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर स्कूल बसों का परिचालन किया जा रहा है. यही कारण है कि सत्र चालू होने के बाद बिना फिटनेस जांच के लिए बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया है.

कुछ स्कूलों में प्रबंधन ट्रांसपोर्टरों को परिवहन का कार्य ठेका में दे देती है, जिसके कारण उक्त स्कूलों में ट्रांसपोर्ट के नाम से बसों का परिचालन होता है. ऐसे प्रकरण में इंडिगो ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन महादेव ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन सहित अन्य को नोटिस जारी कर फिटनेस जांच के लिए अंतिम मौका दिया गया है.

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अमित कश्यप, जिला परिवहन अधिकारी_ दो बार फिटनेस जांच के लिए शिविर लगाकर मौका दिया गया है जिसमें कई बसें जांच के लिए नहीं पहुंची। तीसरे बार मौका दिया गया है। इसमें बसें जांच के लिए नहीं आती है तो अनफिट मानकर ब्लैकलिस्टेड किया गया है.