रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) से स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई कड़े और दूरगामी निर्देश जारी किए हैं। बैठक में यह साफ किया गया कि सरकारी स्कूलों के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अब प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चों की बुनियादी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विभागीय आदेश के अनुसार, अब राज्य के प्राथमिक स्तर के बच्चों को अनिवार्य रूप से बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े पूरी तरह कंठस्थ होने चाहिए। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के बच्चों में भाषाई कौशल सुधारने के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में धाराप्रवाह पठन (रीडिंग) को अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए पूरे प्रदेश के स्कूलों में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सत्र 2027-28 से 1 अप्रैल को ही होगा किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल का वितरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर समय पर संचालित करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और नए सत्र का शुभारंभ प्रतिवर्ष 1 अप्रैल से कर दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी तिथि (1 अप्रैल) को ही छात्रों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश (यूनिफॉर्म) और साइकिल का वितरण भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सत्र के पहले दिन से ही छत्तीसगढ़ के बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
31 जुलाई तक ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने और अटैचमेंट खत्म करने का अल्टीमेटम
प्रदेश में शिक्षा के अधिकार को पूरी तरह लागू करने के लिए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को चिह्नित कर आगामी 31 जुलाई तक हर हाल में दोबारा स्कूल वापस लाया जाए। इसके अलावा, जो शिक्षक मूल रूप से अध्यापन कार्य छोड़कर लंबे समय से कार्यालयों में संलग्न (अटैच) हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने का आदेश दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जर्जर स्कूली भवनों की पहचान कर उन्हें डिस्मेंटल करने और भवनविहीन स्कूलों की स्थिति की समीक्षा जिला कलेक्टर स्तर पर करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
वीएसके ऐप से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, जुलाई से रुकेगा वेतन
शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति और समयबद्धता को लेकर बैठक में वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान जून महीने में ऐप का उपयोग न करने पर किसी भी शिक्षक के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि, जुलाई माह से इस ऐप पर सभी शिक्षकों का पंजीकरण और दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना पूरी तरह अनिवार्य होगा। जुलाई महीने का मासिक वेतन केवल वीएसके ऐप में दर्ज प्रामाणिक डेटा और उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा, अन्यथा बिना ऐप हाजिरी के वेतन रोक दिया जाएगा।

