Vishu Deo Sai Delhi Visit: नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस समय राजधानी दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं. इस दौरे के दौरान सीएम साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से एक बेहद उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और जनहित से जुड़ी कई अहम योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इस मुलाकात की सबसे बड़ी सुर्खी छत्तीसगढ़ में एक नए ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (All India Institute of Ayurveda – AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रही.
Vishu Deo Sai Delhi Visit:छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद संस्थान की मांग
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ स्थापित करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा. मुख्यमंत्री का मानना है कि छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जड़ी-बूटियाँ और वनौषधियाँ उपलब्ध हैं, ऐसे में यहाँ आयुर्वेद संस्थान खुलने से न केवल राज्य बल्कि पूरे मध्य भारत के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा.
सुरक्षा और विकास कार्यों पर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा
इस रणनीतिक बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियानों और सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ.
नक्सल मोर्चे पर रणनीति: सीएम साय ने गृह मंत्री को राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए जा रहे सख्त कदमों और सुरक्षा बलों की सफलताओं से अवगत कराया।
विकास योजनाओं की रफ्तार: बैठक में बस्तर और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), सड़क, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी के विकास पर चर्चा हुई।
केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन: मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं को छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए उनकी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
डबल इंजन सरकार का दिखेगा असर
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास और सुरक्षा के लिए हर संभव मदद जारी रखेगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में ‘डबल इंजन’ की सरकार होने के कारण केंद्र से छत्तीसगढ़ को बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. यदि ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह विष्णु देव साय सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि साबित होगी.

