गर्भवती प्रेमिका की हत्या के आरोप में प्रेमी गिरफ्तार, पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी पकड़ा

जगदलपुर| छत्तीसगढ़ से लगे पड़ोसी राज्य ओडिशा के कोरापुट जिले से एक अत्यंत सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय एक गर्भवती युवती की हत्या कर उसके शव को पड़ोसी राज्य में दफना दिया गया था। मृतका पिछले करीब 14 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थी। पुलिस की गहन तफ्तीश में यह खुलासा हुआ है कि युवती की हत्या उसके ही प्रेमी ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर की थी, और इसके बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक सागौन के बागान के भीतर दफना दिया गया था। ओडिशा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी मोहन किल्लो और उसके सहयोगी कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है, तथा दोनों की निशानदेही पर आंध्र प्रदेश पुलिस के सहयोग से मारुपल्ली गांव के पास जमीन खोदकर युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया है।

तीन महीने की गर्भवती थी मृतका

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान अलु मीना उर्फ अल्बिना गराड़ा (निवासी तुंखल गांव, जिला कोरापुट) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि युवती का आंध्र प्रदेश के रहने वाले मोहन किल्लो के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतका लगभग तीन महीने की गर्भवती थी, जिसे लेकर दोनों के बीच पिछले कुछ समय से गंभीर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

विवाह को लेकर चल रहा था आपसी विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मृतका और आरोपी मोहन किल्लो के बीच शादी को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। अंदेशा जताया जा रहा है कि इसी विवाद और गर्भधारण के मुद्दे को लेकर उपजे तनाव के चलते इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया। हत्या को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी ने अपने दोस्त कुलदीप की सहयता से शव को ठिकाने लगाने की एक सोची-समझी साजिश रची और उसे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के मारुपल्ली गांव के समीपवर्ती सागौन के बागान में ले जाकर गुप्त रूप से दफना दिया। हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की वास्तविक और पूरी वजह तथा वारदात से जुड़े सटीक घटनाक्रम का खुलासा दोनों आरोपियों से लंबी और विस्तृत पूछताछ के पश्चात ही हो सकेगा।

14 दिनों तक अपनों की तलाश में भटकते रहे परिजन

युवती के अचानक इस प्रकार गायब हो जाने के बाद से उसके परिजन अत्यंत चिंतित थे और लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। जब काफी प्रयासों के बाद भी युवती का कोई सुराग हाथ नहीं लगा, तो परिवार के सदस्यों ने दसमंतपुर थाने पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, युवती के मोबाइल कॉल डिटेल्स, आपसी संपर्कों और उसके करीबी दोस्तों की गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। इसी तकनीकी और जमीनी जांच के दौरान पुलिस के हाथ मृतका के प्रेम संबंध और मुख्य आरोपी से जुड़े कुछ बेहद अहम सुराग लगे, जिससे इस पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

गुमशुदगी की फाइल खुली तो सामने आया हत्या का खौफनाक सच

जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ा, पुलिस का शक पूरी तरह से मुख्य आरोपी की ओर केंद्रित हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेही आरोपियों को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस की पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सके और उन्होंने जुर्म कबूल करते हुए उस स्थान की जानकारी दी जहां शव को दफनाया गया था।

इसके उपरांत, ओडिशा पुलिस की एक विशेष टीम ने आंध्र प्रदेश पुलिस के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर विजयनगरम जिले के मारुपल्ली गांव के पास स्थित सागौन के बागान में जेसीबी और मजदूरों की मदद से खुदाई करवाई, जिसके बाद जमीन के नीचे से युवती का शव बरामद कर लिया गया।

मुख्य आरोपी के पहले से शादीशुदा होने का भी हुआ खुलासा

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी मोहन किल्लो पहले से ही शादीशुदा बताया जा रहा है। युवती के गर्भवती होने के बाद जब उसने आरोपी पर शादी करने का दबाव बनाया, तो दोनों के बीच आपसी कलह और विवाद काफी बढ़ गया था। फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने दोनों आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस अपराध में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा हत्या की इस वारदात को किस तरह से अंजाम दिया गया था।

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