भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दिल्ली में कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डाली गई। उन्होंने इसे देश के स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय गीत का अनादर करार दिया। बता दें कि संसद द्वारा हाल ही में पारित एक कानून के तहत राष्ट्रीय गीत का अपमान करना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।
गायन में बाधा डालने और अनादर का आरोप
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' के गायन को बीच में रोका गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वही पावन गीत है जिसे गाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे, इसलिए इसका अपमान अत्यंत निंदनीय है।
राहुल और सोनिया गांधी देश से मांगें माफी
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस घटनाक्रम में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अपनी भूल स्वीकार करते हुए देश से तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जिक्र किया कि पिछले महीने संसद से पारित कानून के तहत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान दर्जा प्रदान किया गया है और इसके अपमान पर सजा का प्रावधान किया गया है।
बीजेपी नेताओं का कांग्रेस पर चौतरफा हमला
इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी कांग्रेस की घेराबंदी की:
सुधांशु त्रिवेदी: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ लाल किले पर पूरे मान-सम्मान के साथ राष्ट्रीय गीत गाया गया, वहीं कांग्रेस कार्यालय में गायन के दौरान सोनिया और राहुल गांधी आपस में बातचीत करते और अनादर दिखाते नजर आए।
देवेंद्र फडणवीस: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यक्रम में मौजूद लोगों को 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाने से जानबूझकर रोका गया।
बी.एल. संतोष व गोपाल कृष्ण अग्रवाल: बीजेपी संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने वीडियो फुटेज साझा कर शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए, जबकि प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने इसे कांग्रेस की मानसिकता का प्रतीक बताया।
कांग्रेस ने आरोपों को सिरे से किया खारिज
दूसरी ओर, विवाद पर सफाई देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के शुरुआती छंदों का ही गायन होगा और तब से यही परंपरा चली आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदिरा भवन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्ण संस्करण गाया गया और इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया, इसलिए इस विषय पर विवाद का कोई आधार नहीं है।

