CM Vishnu Deo Sai Delhi Visit नई दिल्ली/रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी से मुलाकात की. दोनों बैठकों में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई. खास तौर पर बस्तर में विकास की नई संभावनाओं और क्षेत्र में हो रहे बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा की.
स्मृति ईरानी को हाल ही में छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री साय की उनसे यह मुलाकात हुई. बैठक में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के साथ संगठनात्मक समन्वय से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
CM Vishnu Deo Sai Delhi Visit:नितिन नवीन से विकास और संगठन पर चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन से जुड़ी पहलों की जानकारी साझा की.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जारी विकास कार्यों, रोजगार के अवसरों और जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी. बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास के साथ-साथ संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई.

स्मृति ईरानी से मुलाकात में बस्तर पर रहा फोकस
इसके बाद मुख्यमंत्री साय ने भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव, छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से उनके आवास पर मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी की नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं भी दीं.
बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बस्तर में विकास की नई संभावनाओं और क्षेत्र में बदलते स्वरूप को लेकर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, रोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.

महिलाओं, युवाओं और किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी
सीएम साय ने स्मृति ईरानी को प्रदेश में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों की जानकारी भी दी. इसके अलावा युवाओं के कौशल विकास और रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने से संबंधित प्रयासों पर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदायों के लिए संचालित शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी साझा की. सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक वर्ग और खासकर दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है.
बस्तर में शिक्षा और रोजगार पर जोर
बैठक में बस्तर को लेकर जिन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया, उनमें बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार प्रमुख रहे. पर्यटन और आजीविका से जुड़े अवसरों को भी क्षेत्र के विकास से जोड़ा गया.
बस्तर लंबे समय से छत्तीसगढ़ की विकास और सुरक्षा संबंधी चर्चाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. ऐसे में सरकार की ओर से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है.
जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दोनों नेताओं के साथ साझा की. बैठक में यह बताया गया कि सरकार की योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है.
इसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदायों से जुड़े कार्यक्रमों को प्रमुखता दी गई है.
नई प्रदेश प्रभारी के साथ पहली मुलाकात
स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री साय के साथ हुई मुलाकात को राज्य के सरकार-संगठन समन्वय के संदर्भ में भी देखा जा रहा है. बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ राज्य के विकास एजेंडे पर बातचीत हुई.
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि स्मृति ईरानी का राष्ट्रीय स्तर का अनुभव और संगठनात्मक भूमिका छत्तीसगढ़ में पार्टी के काम को मजबूती देने में उपयोगी होगी. यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन है, जबकि बैठक में चर्चा के प्रमुख विषयों में विकास, जनकल्याण और संगठनात्मक मुद्दे शामिल रहे.
दिल्ली दौरे के दौरान गांधी-शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. उन्होंने गांधी के सत्य और अहिंसा तथा शास्त्री के ‘जय जवान-जय किसान’ के संदेश को याद किया.

