मां भद्रकाली मंदिर कीर्तन मंडली के पुजारी की मौत, पुलिस ने शुरू की जांच

रांची| इटखोरी स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े पुजारी स्वामी श्रीनिवास का शव उनके आश्रम स्थित कमरे में फंदे से संदिग्धावस्था में लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान करीब 30 वर्षीय अमन द्विवेदी उर्फ स्वामी श्रीनिवास के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के बलिया जिले के रहने वाले थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों और परिचितों के अनुसार, अमन द्विवेदी ने अपने गांव स्थित गुरुकुल से ही धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी। गुरुकुल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भी सेवा दी थी। इसके पश्चात, वर्ष 2022 से वे लगातार इटखोरी के मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

पुलिस द्वारा कमरे का मुआयना और शव को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, अंचलाधिकारी सविता सिंह और मृत्युंजय सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आश्रम के कमरे का बारीकी से मुआयना करने के बाद फंदे से लटके शव को नीचे उतारा। इसके बाद शव को तत्काल इटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर अशोक कुमार ने जांच के बाद अमन द्विवेदी को मृत घोषित कर दिया। सभी आवश्यक कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है।

धार्मिक ज्ञान और अच्छे स्वभाव के कारण श्रद्धालुओं में थी विशेष पहचान

स्वामी श्रीनिवास अपने प्रचुर धार्मिक ज्ञान, शांत स्वभाव और मिलनसार आचरण के चलते स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच काफी सम्मानित और लोकप्रिय थे। उन्होंने क्षेत्र के कई भक्तों को धार्मिक दीक्षा भी प्रदान की थी। उनकी इस अचानक और संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही मां भद्रकाली मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और कीर्तन मंडली के सदस्यों में गहरा शोक छा गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की असली वजह

घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन बिहार के बलिया से चतरा सदर अस्पताल के लिए रवाना हो चुके हैं। इटखोरी पुलिस ने आश्रम के कमरे से विभिन्न साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर गहन छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले स्वामी श्रीनिवास की दिनचर्या कैसी थी, वे किन लोगों के संपर्क में थे और इस उठाए गए कदम के पीछे की क्या वजह हो सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी संभावित पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।

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