रायपुर : अपना घर हर परिवार का सपना होता है। एक ऐसी पक्की छत, जिसके नीचे परिवार सुरक्षित रह सके, बच्चे निश्चिंत होकर पढ़ाई कर सकें और बरसात के दिनों में घर की दीवारों तथा छत की चिंता न सताए। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सपना कई बार वर्षों तक अधूरा रह जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से जरूरतमंद परिवारों को मिल रही सुरक्षित छत, कच्चे मकानों और किराए की परेशानियों से राहत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र में हजारों परिवारों को अपने पक्के आशियाने का सहारा मिला है। कभी कच्चे मकानों और किराए के घरों में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए अब अपना घर सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार बन रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही बदलाव की कहानियों में अम्बिकापुर की यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के विभिन्न घटकों के अंतर्गत कुल 7,046 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 5,194 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 1,448 आवास निर्माण एवं फिनिशिंग स्तर पर हैं। नवीन स्वीकृत डीपीआर के अंतर्गत 404 आवासों का निर्माण प्रारंभ होना शेष है।
ये आंकड़े केवल आवास निर्माण की प्रगति नहीं बताते, बल्कि उन हजारों परिवारों की उम्मीदों को भी सामने लाते हैं, जिनके लिए अपना पक्का घर जीवन की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से जरूरतमंद परिवारों को मिल रही सुरक्षित छत, कच्चे मकानों और किराए की परेशानियों से राहत
कच्ची दीवारों से पक्के सपनों तक, हजारों परिवारों को मिली राहत
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के अंतर्गत संचालित ‘मोर जमीन मोर मकान’ घटक उन परिवारों के लिए सहारा बना है, जिनके पास अपनी जमीन तो थी, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे पक्का मकान नहीं बना पा रहे थे।
नगर निगम अम्बिकापुर में इस घटक के अंतर्गत कुल 5,170 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,744 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 426 आवास प्रगतिरत हैं। इस प्रकार लगभग 92 प्रतिशत स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने, दीवारों के क्षतिग्रस्त होने और घरेलू सामान की सुरक्षा जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे परिवारों के लिए पक्का मकान केवल रहने की सुविधा नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी चिंताओं से राहत का माध्यम है।
अब अपनी पक्की छत के नीचे परिवार सुरक्षित जीवन के साथ बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को आगे बढ़ा पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 से और परिवारों तक पहुंचेगा पक्के घर का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के दूसरे चरण में भी जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
योजना 2.0 के ‘मोर जमीन मोर मकान’ घटक के अंतर्गत अम्बिकापुर में 1,383 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 44 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 935 आवास निर्माणाधीन हैं। नवीन स्वीकृत डीपीआर में शामिल 404 आवासों का निर्माण प्रारंभ होना शेष है।
दूसरे चरण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा होने से आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपने पक्के घर का लाभ मिल सकेगा।
मोर मकान मोर चिन्हारी: सभी 67 आवासों में व्यवस्थापन पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के एएचपी घटक ‘मोर मकान मोर चिन्हारी’ के अंतर्गत नगर निगम अम्बिकापुर में स्वीकृत सभी 67 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
इन सभी आवासों का शत-प्रतिशत आबंटन एवं व्यवस्थापन भी पूरा हो गया है। इससे पात्र परिवारों को सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध हुई है।
आवास निर्माण के साथ हितग्राहियों का व्यवस्थापन पूरा होना इस बात का महत्वपूर्ण उदाहरण है कि योजना का लाभ केवल निर्माण कार्य पूर्ण होने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने से उसका उद्देश्य पूरा होता है।
मोर मकान मोर आस: सभी 426 आवासों का आबंटन पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के एएचपी घटक ‘मोर मकान मोर आस’ के अंतर्गत भी आवास निर्माण और आबंटन की दिशा में प्रगति हुई है।
इस घटक में कुल 426 आवास स्वीकृत हैं। इनमें से 339 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 87 आवास फिनिशिंग स्तर पर हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि सभी 426 आवासों का शत-प्रतिशत आबंटन किया जा चुका है।
इनमें से 81 आवासों में हितग्राहियों का व्यवस्थापन भी पूर्ण हो गया है। इसके अतिरिक्त हितग्राही अंशदान के रूप में लगभग 6 करोड़ रुपये की राशि संग्रहित की गई है। शेष आवासों में फिनिशिंग कार्य जारी है।
पक्की छत के साथ परिवारों को मिला सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
अपना पक्का घर किसी परिवार के लिए केवल ईंट, सीमेंट और दीवारों से बना ढांचा नहीं होता। यह उसके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का आधार होता है।
किराए के मकान में रहने वाले परिवारों के लिए हर महीने किराया चुकाना आर्थिक बोझ बन सकता है। वहीं कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बारिश, मौसम की मार और घर की मरम्मत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसी परिस्थितियों में स्वयं का पक्का आवास परिवार को इन चिंताओं से राहत देता है। घर में बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है और परिवार अपने भविष्य की योजनाओं को अधिक भरोसे के साथ आगे बढ़ा सकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का महत्व इसी मानवीय बदलाव में दिखाई देता है। एक पक्की छत परिवार के जीवन में केवल सुविधा नहीं जोड़ती, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की उम्मीद को भी मजबूत करती है।
5,194 पक्के आशियाने, हजारों परिवारों की उम्मीदों को मिला आधार
अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 5,194 आवासों का निर्माण पूर्ण होना केवल निर्माण कार्यों की उपलब्धि नहीं है। यह उन परिवारों के जीवन में आए बदलाव की तस्वीर है, जिनके लिए अपना पक्का घर कभी दूर का सपना था।
किसी परिवार के लिए यह बरसात में टपकती छत से मुक्ति है, किसी के लिए किराए के घर की परेशानी से राहत और किसी के लिए बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत शुरुआत।
योजना के प्रथम चरण में हजारों आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वहीं एएचपी घटकों के अंतर्गत आवासों के आबंटन और व्यवस्थापन के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक आवासीय सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
सेवा संकल्प से सुरक्षित आशियाने तक, बदल रही परिवारों की जिंदगी
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही जनकल्याण की कहानियां बताती हैं कि शासन की योजनाओं की वास्तविक सार्थकता नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से होती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के माध्यम से अम्बिकापुर में हजारों परिवारों को अपना पक्का घर मिला है और शेष स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा करने की दिशा में कार्य जारी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंद परिवारों तक सुरक्षित आवासीय सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अम्बिकापुर में 5,194 पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण होना केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के वर्षों पुराने सपनों को मिला नया आधार है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां कच्ची दीवारों की चिंता की जगह पक्की छत का भरोसा, असुरक्षा की जगह सम्मान और अधूरे सपनों की जगह बेहतर भविष्य की नई उम्मीद आकार ले रही है।

