Raipur Mall Parking Fees : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है. यहाँ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मॉल परिसरों में आने वाले आगंतुकों और ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूलने को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है. रायपुर के सड्डू क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित मॉल द्वारा आगंतुकों से पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूले जाने को राज्य उपभोक्ता आयोग ने ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practice) और ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) करार दिया है. आयोग ने मॉल प्रबंधन की ओर से दाखिल की गई अपील को पूरी तरह खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के पूर्व आदेश को यथावत बरकरार रखा है.
Raipur Mall Parking Fees : क्या है पूरा कानूनी मामला?
मॉल प्रबंधन ने जिला उपभोक्ता फोरम के उस फैसले के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील दायर की थी, जिसमें फोरम ने मॉल को ग्राहकों से किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क न वसूलने तथा निःशुल्क (फ्री) पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया था. अब राज्य आयोग ने भी जिला फोरम के उसी न्यायसंगत आदेश को सही ठहराते हुए मॉल प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया है.
45 दिनों के भीतर हर्जाना और मुआवजा राशि देने के निर्देश
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने 24 सितंबर को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. आयोग ने अपने आदेश में मॉल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे शिकायतकर्ता ग्राहक को मानसिक प्रताड़ना और कष्ट के लिए 50,000 रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करें. इस प्रकार कुल 55,000 रुपये की यह राशि आगामी 45 दिनों के भीतर अदा करनी होगी. यदि प्रबंधन निर्धारित समय सीमा के भीतर यह भुगतान करने में विफल रहता है, तो फैसले की तिथि से लेकर भुगतान होने तक 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा.
अलग से पार्किंग फीस वसूलना और फास्टैग से मनमानी कटौती अनुचित
आयोग ने अपने फैसले में इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि मॉल प्रबंधन पहले से ही अपने यहाँ दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों से एयर कंडीशनर (AC), प्रकाश व्यवस्था (लाइट), सुरक्षा गार्ड और एस्केलेटर (चलती सीढ़ियों) के रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर भारी शुल्क वसूलता है. ऐसी स्थिति में मॉल में आने वाले आम ग्राहकों से अलग से पार्किंग के नाम पर फीस वसूलना पूरी तरह से गलत और अनैतिक है.
इसके अतिरिक्त, बिना किसी पूर्व सूचना के फास्टैग (FASTag) के माध्यम से वाहन स्वामियों के खाते से अपने आप पैसे काट लेना भी सेवा का एक अत्यंत त्रुटिपूर्ण तरीका है. आयोग ने यह भी पाया कि मौके पर वाहन चालकों की जानकारी के लिए 10 मिनट की निःशुल्क पार्किंग या वाहन छोड़ने की सुविधा से संबंधित कोई भी सूचना पट्ट (बोर्ड) नहीं लगाया गया था, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता संरक्षण नियमों का उल्लंघन है.

