नई दिल्ली। टाटा समूह के पूर्व दिवंगत चेयरमैन रतन टाटा के निकट सहयोगी रहे मेहली मिस्त्री ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) और बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के न्यासी (ट्रस्टी) पद से खुद को हटाए जाने के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस निष्कासन कार्रवाई को चैरिटी कमिश्नर के समक्ष चुनौती देते हुए अपनी विधिक याचिका दायर की है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 23 अक्टूबर को मिस्त्री को इन प्रतिष्ठित न्यासों के ट्रस्टी पद से निष्कासित कर दिया गया था। इसके जवाब में न्यासों द्वारा मिस्त्री के कानूनी अधिकार और हितों के टकराव से जुड़े मामलों पर भी गंभीर सवाल उठाए गए थे।
मूल डीड और कार्यकाल की सीमा पर उठाए सवाल
मेहली मिस्त्री ने चैरिटी कमिश्नर के सामने प्रस्तुत अपने जवाबी हलफनामे में न्यासों की कार्यप्रणाली और फैसलों पर कई तीखी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यासों की मूल डीड में ऐसा कोई भी नियम या प्रावधान मौजूद नहीं है, जो किसी ट्रस्टी के कार्यकाल को केवल तीन वर्षों की समय-सीमा में सीमित करता हो। इसके अतिरिक्त मिस्त्री ने यह सवाल भी रेखांकित किया कि न्यास के चेयरमैन नोएल टाटा को जो प्रशासनिक लाभ और छूट प्रदान की गई, वही व्यवस्था उनके मामले में क्यों नहीं लागू की गई।
ट्रस्टियों के समर्थन और मतदान पर मिस्त्री का दावा
अपने हलफनामे में मेहली मिस्त्री ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्हें पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव का सभी ट्रस्टियों ने समर्थन नहीं किया था। उनके अनुसार, नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने उन्हें हटाने संबंधी इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान नहीं की थी, जबकि एक अन्य ट्रस्टी जिमी एन. टाटा ने इस समूची प्रक्रिया पर अपनी कोई प्रतिक्रिया ही व्यक्त नहीं की थी। इस आधार पर उन्होंने अपने निष्कासन की प्रक्रियात्मक वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है।
टाइटन के निदेशक पद से नोएल टाटा का त्यागपत्र
इसी बीच टाटा समूह से जुड़ी एक अन्य बड़ी प्रशासनिक खबर के तहत, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा आगामी 12 नवंबर 2026 से समूह की प्रसिद्ध आभूषण और घड़ी निर्माता कंपनी टाइटन कंपनी लिमिटेड के निदेशक तथा वाइस चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक नियामक जानकारी के मुताबिक, यह कदम टाटा समूह के आंतरिक संचालन दिशानिर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है। 69 वर्षीय नोएल टाटा इससे पूर्व भी समूह की कई अन्य प्रमुख कंपनियों के बोर्ड से अपनी सेवाएं समाप्त कर चुके हैं।

