युवाओं ने CM धामी से पूछे बेबाक सवाल, भ्रष्टाचार से रोजगार तक खुलकर हुई बात

CM Dhami Youth Samvad Khatima खटीमा : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को खटीमा में युवाओं के बीच पहुंचे तो संवाद का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आया. ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रोजगार, सरकारी नौकरी, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान-तकनीक, आपदा प्रबंधन और सीमांत क्षेत्रों के विकास जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सीधे और बेबाक सवाल पूछे. मुख्यमंत्री ने भी छात्रों के सवालों का सहज और स्पष्ट जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य के विजन को सामने रखा.

सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया.

CM Dhami Youth Samvad Khatima Khatima
खटीमा में युवाओं संग सीएम धामी का संवाद

CM Dhami Youth Samvad Khatima: CM धामी का सख्त संदेश- शिकायत करें, कार्रवाई होगी

युवाओं के साथ संवाद के दौरान भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है या किसी तरह का अनुचित दबाव बनाता है तो वे चुप न रहें.

मुख्यमंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत मिलने के बाद विशेष टीमों के माध्यम से त्वरित जांच कराई जाती है.

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की शासन व्यवस्था पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए.

विकल्प रहित संकल्प’ से विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी न हो.

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार काम कर रही है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तराखंड के पास हिमालय, नदियां, वन संपदा, कृषि संसाधन और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के रूप में बड़ी प्राकृतिक और मानवीय संपदा है. इन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है.

सीमांत गांव नहीं होंगे ‘अंतिम छोर’, बनेंगे देश के ‘प्रथम गांव’

सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की सोच में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि सीमांत जिले और गांव देश के अंतिम छोर नहीं बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं.

उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है. बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा कर युवाओं को अपने गांव और घर के आसपास ही आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाएं लागू की जा रही हैं.

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

कक्षा 11 की छात्रा रेखा ने 5 अगस्त की आपदा के दौरान किए गए राहत और बचाव कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री से विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया.

जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है. इसलिए विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.

उत्तराखंड में पर्यटन का बढ़ा दायरा, पर्यटकों की संख्या 7-8 करोड़ पार

पर्यटन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिली है.

उन्होंने कहा कि चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों की ओर पर्यटकों का रुझान बढ़ रहा है.

सरकार पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता और आतिथ्य व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दे रही है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के चलते उत्तराखंड में सालाना पर्यटकों की संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है.

विज्ञान और तकनीक से लेकर आपदा प्रबंधन तक सवाल

‘युवा समसामयिक संवाद’ की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल रोजगार या सरकारी नौकरी से जुड़े सवाल ही नहीं पूछे, बल्कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, विकास और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी मुख्यमंत्री से सवाल किए.

सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित कई विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को समसामयिक विषयों पर जागरूक रहने और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने का संदेश दिया.

18 स्कूलों के 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए.

कुल 18 विद्यालयों के लगभग 360 विद्यार्थियों ने संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस दौरान विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करने और सरकार की नीतियों को लेकर अपनी बात रखने का अवसर मिला.

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे.

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