Cyber Fraud Awareness देहरादून/ऋषिकेश : डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों का खतरा लगातार बढ़ रहा है. खासतौर पर महिलाओं और छात्राओं को साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने विशेष पहल शुरू की है. आयोग की ओर से 1 सितंबर 2026 को ऋषिकेश में ‘AI & Women’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
Cyber Fraud Awareness:फ्रॉड से बचाव के साथ AI की भी मिलेगी जानकारी
यह विशेष कार्यक्रम 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश स्थित श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित होगा.
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को साइबर फ्रॉड, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है. इसके साथ ही महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बदलती दुनिया और इसके व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.
राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव श्रीमती उर्वशी चौहान के मुताबिक कार्यक्रम में विशेषज्ञ महिलाओं और छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी देंगे. डिजिटल दुनिया में किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए और साइबर अपराध का शिकार होने से कैसे बचा जा सकता है, इस पर भी चर्चा होगी.
पढ़ाई से लेकर रोजगार तक AI बनेगा मददगार
आज AI केवल तकनीक तक सीमित नहीं है. शिक्षा, नौकरी, कारोबार और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने से लेकर उद्यमिता तक इसके इस्तेमाल की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. इसी को देखते हुए कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, व्यवसाय और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में AI के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी.
विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि महिलाएं AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई, काम और व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए किस तरह कर सकती हैं.
AI टूल्स का होगा लाइव डेमोंस्ट्रेशन
‘AI & Women’ कार्यक्रम की एक खास बात AI टूल्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन होगी. इसके जरिए प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें आधुनिक AI टूल्स के काम करने का व्यावहारिक तरीका भी दिखाया जाएगा.
इससे छात्राओं और महिलाओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि AI का इस्तेमाल सुरक्षित, प्रभावी और जिम्मेदारी के साथ कैसे किया जा सकता है.
महिलाओं के लिए क्यों अहम है यह कार्यक्रम?
डिजिटल बैंकिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं. ऐसे में महिलाओं के बीच डिजिटल जागरूकता और साइबर सुरक्षा की समझ बेहद जरूरी हो गई है.
महिला आयोग की यह पहल एक तरफ महिलाओं को साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करेगी, वहीं दूसरी तरफ उन्हें AI जैसी नई तकनीक को अवसर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगी.
छात्राओं और आमजन से भाग लेने की अपील
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने छात्राओं, महिलाओं और आमजन से इस जागरूकता कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है. आयोग का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीक के अवसरों से जोड़ना भी है.

