JSSC CGL Exam Scam रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी की बहुप्रतीक्षित JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता की जांच लगातार तेज होती जा रही है. झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग यानी CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है.ताजा कार्रवाई में गिरिडीह जिले के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या 9 हो गई है.
CID की जांच का दायरा अब केवल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है. एजेंसी कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी की पूरी कड़ी, सफल अभ्यर्थियों के संपर्क, परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों और संभावित नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है.
JSSC CGL Exam Scam: कौन है नया गिरफ्तार आरोपी समीर कुमार?
CID के मुताबिक समीर कुमार गिरिडीह जिले के बेंगाबाद का रहने वाला है और JSSC-CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थी बताया जा रहा है. उसकी गिरफ्तारी CID थाना कांड संख्या 01/2025 की जांच के क्रम में हुई है. अब जांच टीम उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित परीक्षा अनियमितता में उसकी क्या भूमिका रही और वह किन लोगों के संपर्क में था.
इस गिरफ्तारी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में CID ने लगातार ऐसे लोगों पर कार्रवाई की है, जिनका संबंध परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों या परीक्षा संचालन से जुड़े नेटवर्क से बताया जा रहा है.
चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कार्रवाई
समीर कुमार की गिरफ्तारी से पहले CID ने 28 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था. इनमें धनबाद जिले के दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह तथा बोकारो में रहने वाले उमेश कुमार राय शामिल थे.
इससे पहले परीक्षा संचालन से जुड़े दो आरोपियों को भी CID ने गिरफ्तार किया था. रिपोर्टों के मुताबिक ये दोनों आरोपी परीक्षा आयोजित कराने वाली वेबेल एजेंसी से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं और इन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था.
लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि जांच एजेंसी अब कथित गड़बड़ी की पूरी श्रृंखला को जोड़ने में जुटी है.
मुख्य आरोपी अभय तिवारी भी पहले हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले में CID ने 22 जुलाई 2026 को अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के समय वह गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात था. इसके बाद उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था.
इसके बाद जांच तेजी से आगे बढ़ी और अगस्त के आखिरी सप्ताह में कई गिरफ्तारियां हुईं. 18 अगस्त से अब तक इस मामले में कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
क्या है पूरा JSSC-CGL विवाद?
यह मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा यानी JSSC-CGL-2023 से जुड़ा है. परीक्षा का आयोजन 21 और 22 सितंबर 2024 को किया गया था.
परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने लंबे समय तक आंदोलन किया. छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई और जांच की मांग की थी.
विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने कई भर्ती परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. इनमें JSSC-CGL भी शामिल था.
हाईकोर्ट के आदेश से बदला पूरा मामला
JSSC-CGL विवाद में एक अहम मोड़ तब आया जब झारखंड हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी.
21 अगस्त को हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाई थी. सफल अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिकाओं के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा. मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है.
इसका मतलब यह है कि एक तरफ CID कथित अनियमितताओं की आपराधिक जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने का मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.
150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ का दावा
जांच को व्यापक बनाने के लिए CID की SIT ने बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की है. हालिया रिपोर्टों के अनुसार मामले में करीब 150 संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. जांच टीम उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों से भी जानकारी जुटा रही है, जिनकी भूमिका संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे.
परीक्षा एजेंसी के कर्मचारियों पर भी जांच की आंच
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी है. CID की SIT ने दिल्ली से दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध परीक्षा आयोजित करने वाली वेबेल एजेंसी से बताया गया है.
इन गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि क्या परीक्षा की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच रखने वाले लोगों और कथित तौर पर अनुचित लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों के बीच कोई संपर्क था.
हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला
JSSC-CGL परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी की उम्मीद के साथ हिस्सा लिया था. ऐसे में परीक्षा में कथित गड़बड़ी का असर केवल एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था पर भरोसा जुड़ा हुआ है.
एक ओर वे अभ्यर्थी हैं जो निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परीक्षा में सफल अभ्यर्थी नियुक्तियों को रद्द किए जाने के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
यही वजह है कि CID की जांच और हाईकोर्ट की सुनवाई दोनों पर अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है.
समीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी की कार्रवाई रुकने के संकेत नहीं हैं. CID की SIT कथित तौर पर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके संपर्कों, परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों और संभावित बिचौलियों की भूमिका की जांच कर रही है.
जांच में यदि नए तथ्य और सबूत सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ या गिरफ्तारी हो सकती है. हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
JSSC-CGL केस: अब तक की बड़ी कार्रवाई
| तारीख | कार्रवाई |
|---|---|
| 22 जुलाई | मुख्य आरोपी बताए गए अभय तिवारी की गिरफ्तारी |
| 18 अगस्त | अभय तिवारी की पत्नी और भाई की गिरफ्तारी |
| 27 अगस्त | परीक्षा संचालन से जुड़े दो आरोपियों की गिरफ्तारी |
| 28 अगस्त | चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी |
| 31 अगस्त | गिरिडीह के समीर कुमार की गिरफ्तारी |
| अब तक | कुल 9 गिरफ्तारियां |
अब सबसे बड़ा सवाल क्या?
JSSC-CGL मामले में अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि कथित अनियमितता का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई?
CID की लगातार कार्रवाई से जांच का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की जांच से इस मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है.
फिलहाल JSSC-CGL परीक्षा की कथित गड़बड़ी की जांच जारी है और हाईकोर्ट में परीक्षा रद्द करने से जुड़ा मामला भी लंबित है. ऐसे में इस भर्ती परीक्षा का भविष्य CID की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरणों पर निर्भर करेगा.

