राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीएम योगी ने तोड़ी चुप्पी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को लिया आड़े हाथ

गुरुवार को के रुदौली में एक पब्लिक मीटिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी Ram Temple offering theft case को लेकर हुए विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विपक्ष की आलोचना की और कहा कि “ये लोग हमें क्या बता सकते हैं, जो भगवान राम के भक्तों का अपमान करते थे और जो राज्य में बदनाम माफियाओं की कब्रों पर जाकर प्रार्थना करते थे? और अब यही लोग हमें भगवान राम की भक्ति के बारे में उपदेश दे रहे हैं.”
इसके साथ ही सीएम ने लोगों से संयम रखने को कहा और वादा किया की SIT जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर बरसे सीएम योगी

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उनके दोहरे मापदंड देखिए. वही कांग्रेस पार्टी जिसने अयोध्या में भगवान राम के मंदिर को बनने से रोकने की हर मुमकिन कोशिश की, अब अयोध्या को लेकर बहुत परेशान होने का नाटक कर रही है. उन्होंने इसके खिलाफ अपनी पूरी ताकत लगा दी और बड़ी बेशर्मी से सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट भी दिया कि भगवान राम कभी थे ही नहीं. और आज, वही कांग्रेस अयोध्या को लेकर बेचैन हो रही है और दावा कर रही है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है. और समाजवादी पार्टी और उसके दोहरे मापदंड भी देखिए. आज वे दावा कर रहे हैं कि राम भक्तों का अपमान हुआ है, लेकिन ये वही लोग हैं जिन्होंने ‘कारसेवकों’ पर गोली चलाने का आदेश दिया था और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठियां चलवाई थीं. अब वे दूसरों को उपदेश देने के लिए आगे आए हैं.”

सीएम ने राम भक्तों से की संयम रखने की अपील

वहीं सीएम योगी ने राम भक्तों से भी अपील की उन्होंने कहा, “मैं सभी राम भक्तों से अपील करना चाहूंगा. अयोध्या से जो रिपोर्ट सामने आई हैं, उनके बारे में हमने ट्रस्ट के कहने पर SIT जांच बिठाई है. मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि SIT जांच से बिना किसी शक के पूरा सच सामने आएगा.”
CM योगी ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे कमेंट न करें जिससे राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचे. उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उनके पास कोई डॉक्यूमेंट्री सबूत है तो वे उसे SIT को सौंप दें. उन्होंने भक्तों से भगवान राम से जुड़े सम्मान और धैर्य के मूल्यों को बनाए रखने और अयोध्या या राम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करने की कोशिशों से प्रभावित न होने की भी अपील की.

Ram Temple offering theft case क्या है

आपको बता दें, यह विवाद मंदिर के रोज़ाना के चढ़ावे और दान पेटी से जमा होने वाले पैसे में गड़बड़ी या चोरी की रिपोर्ट और राजनीतिक आरोपों के बाद शुरू हुआ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ऑफिशियल रिक्वेस्ट पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने दान के स्ट्रक्चर का ऑडिट करने, संदिग्ध स्टाफ से पूछताछ करने और असली सच्चाई का पता लगाने के लिए 3 सदस्यों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई.

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