Rakesh Rathore Arrest: कांग्रेस के सीतापुर सांसद को बीच प्रेस वार्ता से उठा ले गई यूपी पुलिस, बलात्कार के आरोप में किया गिरफ्तार

Rakesh Rathore Arrest: गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चक्रेश मिश्रा ने फोन पर बताया कि राकेश राठौर पर 45 वर्षीय महिला से शादी करने और उसका राजनीतिक करियर बनाने का वादा करके पिछले चार सालों से बलात्कार करने का आरोप है. करीब दो सप्ताह की तलाश के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.

Rakesh Rathore Arrest: चलती प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठा ले गई पुलिस

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सांसद को उनके लोहारबाग स्थित घर से गिरफ्तार किया गया, जबकि उन्होंने एफआईआर में उनके खिलाफ आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने कहा कि राकेश राठौर को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी को जल्द ही सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा, जो उसके भाग्य का फैसला करेगा. एसपी ने कहा कि सीतापुर पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीतापुर, लखनऊ और अन्य शहरों में उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने 21 जनवरी को उसके सीतापुर स्थित आवास पर नोटिस भी दिया था, जिसमें उससे आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन वह पुलिस के सामने नहीं आया और पिछले दो सप्ताह से गिरफ्तारी से बचता रहा.
एसपी ने कहा, “हमें पता चला कि वह अपने खिलाफ लगे आरोपों पर मीडिया को स्पष्टीकरण देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, जिसके बाद हमने दोपहर करीब 1.30 बजे उनके आवास पर छापा मारा.”

Rakesh Rathore Arrest:  क्या है आरोप

इससे पहले 17 जनवरी को सांसद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 के तहत बलात्कार, 351 (3) के लिए आपराधिक धमकी और 327 (2) के तहत सीतापुर के सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन में आग्नेयास्त्र का इस्तेमाल कर धमकाने के लिए एफआईआर दर्ज की गई थी.

कोर्ट ने सांसद को सरेंडर करने का निर्देश दिया

मामले में अग्रिम जमानत पाने के प्रयासों के बीच एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार था. लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को उसकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी और उसे दो सप्ताह के भीतर सीतापुर जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया.
सांसद के वकील ने उनका बचाव करते हुए न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकलपीठ से अनुरोध किया कि उन्हें राहत प्रदान की जाए, क्योंकि मामला चार साल की देरी से दर्ज किया गया है. हालांकि अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने अदालत से याचिका खारिज करने की अपील करते हुए कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जिसमें आरोपी को किसी तरह की तत्काल राहत प्रदान की जाए. अदालत ने अंततः याचिका खारिज करते हुए राकेश राठौर को दो सप्ताह के भीतर सीतापुर जिला एवं सत्र न्यायालय में सरेंडर करने का निर्देश दिया था. सीतापुर एमपी/एमएलए कोर्ट ने 23 जनवरी को कांग्रेस सांसद की अग्रिम जमानत अर्जी भी मंजूर कर ली थी. इससे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के अध्यक्ष अजय राय ने सांसद के खिलाफ आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की थी.

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