प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर विराट कोहली ने लिए 5 करोड़? जानिए दावे की पूरी सच्चाई

Premanand Maharaj:वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा विवाद अब भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली तक पहुंच गया है. दावा किया गया कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचने के लिए विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये दिए गए थे. हालांकि, कोहली की टीम ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे झूठा, निराधार तथा तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है.

7 अक्टूबर 2026 को विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 5 करोड़ रुपये का दावा आया कहां से और इसकी सच्चाई क्या है?

Premanand Maharaj : कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज का आश्रम लंबे समय से श्रद्धालुओं और देश की जानी-मानी हस्तियों के बीच लोकप्रिय है। सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज की बड़ी संख्या में फॉलोइंग है और देशभर से लोग उनके दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचते हैं।

हाल में आश्रम से जुड़े कुछ घटनाक्रमों के बाद विवाद खड़ा हुआ। प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और कुछ लोगों के लापता होने की खबरों को लेकर सवाल उठाए गए। इसी बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने आश्रम की गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा की मांग भी की। उनका आरोप है कि आश्रम के आसपास भूमाफिया और कथित फर्जी संतों का एक गुट सक्रिय है, जो प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता का फायदा उठा रहा है।

विराट कोहली का नाम कैसे आया?

इसी विवाद के बीच फलाहारी महाराज ने विराट कोहली को लेकर भी एक बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए एक योजना के तहत विराट कोहली को आश्रम तक लाया गया।

दावे में कहा गया कि एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को आश्रम लाने तथा उनकी यात्रा को प्रचारित करने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस दावे को साबित करने वाला कोई स्वतंत्र या आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित 5 करोड़ रुपये किसे और किस मद में दिए गए थे।

कोहली की टीम ने आरोपों को बताया झूठा

फलाहारी महाराज के आरोप सामने आने के बाद विराट कोहली की टीम ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा जब भी प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाते हैं, तो इसका कारण उनकी आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा है।

प्रवक्ता के मुताबिक, दर्शन के लिए किसी तरह के वित्तीय लेन-देन या भुगतान की बात पूरी तरह निराधार है। टीम ने मीडिया से भी अपील की है कि इस तरह के दावों को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उनकी तथ्यात्मक पुष्टि की जाए।

प्रेमानंद महाराज से पहले भी मिल चुके हैं विराट-अनुष्का

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का प्रेमानंद महाराज से मिलना कोई नई बात नहीं है। दोनों जनवरी 2023 में पहली बार वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे थे। इसके बाद भी दोनों कई मौकों पर प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर चुके हैं।

विराट कोहली के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों के दौर में भी उनके आध्यात्मिक झुकाव की चर्चा होती रही है। ऐसे में उनकी टीम का कहना है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना पूरी तरह निजी आस्था का विषय है।

फलाहारी महाराज कौन हैं?

दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष हैं। यह संगठन मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहा है।

उनके बयानों को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। जून 2026 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। शिकायत में कथित धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों और वर्तमान विवाद में लगाए गए दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

आश्रम विवाद की असली जड़ क्या है?

विराट कोहली से जुड़ा 5 करोड़ रुपये का दावा दरअसल प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर चल रहे बड़े विवाद का एक हिस्सा है।

फलाहारी महाराज का आरोप है कि आश्रम के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं और कथित भूमाफिया प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता का इस्तेमाल जमीन से जुड़े कारोबार में लाभ के लिए कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रेमानंद महाराज इन गतिविधियों से नाराज होकर बेलवन आश्रम चले गए हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन्हें तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि आरोप और दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

5 करोड़ रुपये वाले दावे की सच्चाई क्या है?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा साबित नहीं हुआ है।

न तो इस भुगतान से जुड़ा कोई सार्वजनिक दस्तावेज सामने आया है और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। दूसरी ओर, विराट कोहली की टीम ने सीधे तौर पर आरोपों को खारिज कर दिया है।

इसलिए अभी इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 5 करोड़ रुपये का आरोप केवल फलाहारी महाराज के दावे के तौर पर सामने आया है, जबकि कोहली की टीम ने इसे झूठा और निराधार बताया है।

प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े अन्य आरोपों और उनके शिष्य की मौत की जांच का परिणाम सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल विराट कोहली के खिलाफ लगाए गए 5 करोड़ रुपये के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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