Uttarkashi Rescue Operation : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स को निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान सफल रहा। एसडीआरएफ, सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने हेलीकॉप्टर की मदद से 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया। वहीं, जिले के 10 ट्रेक रूटों पर फंसे 106 अन्य ट्रेकर्स को निकालने के लिए अभियान जारी है।
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी इलाकों में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। सोमवार को कालिंदी ट्रेक के ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एसडीआरएफ, भारतीय सेना, जिला पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने यह अभियान पूरा किया।
रेस्क्यू किए गए सभी ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए हर्षिल पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई। दूसरी ओर, उत्तरकाशी जिले के 10 ट्रेक रूटों पर फंसे 106 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
Uttarkashi Rescue Operation :कालिंदी ट्रेक पर रेस्क्यू अभियान सफल, 29 ट्रेकर्स सुरक्षित
उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित ओडिन कॉल में फंसे ट्रेकर्स को निकालने के लिए प्रशासन ने विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस क्षेत्र में अधिक ऊंचाई, दुर्गम रास्तों और मौसम में तेजी से बदलाव के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद शासन और जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके बाद फंसे हुए ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई।
सोमवार को अभियान के तहत सभी 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित हर्षिल पहुंचा दिया गया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद प्रशासन और बचाव दलों ने राहत की सांस ली।
एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने संभाली कमान
रेस्क्यू अभियान एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशन में संचालित किया गया। उन्होंने एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे अभियान की लगातार निगरानी की।
सेनानायक ने मौके पर तैनात रेस्क्यू टीमों से संपर्क बनाए रखा और वहां की परिस्थितियों की जानकारी लेते रहे। जरूरत के अनुसार टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान को सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
इस ऑपरेशन में एसडीआरएफ, उत्तरकाशी जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) की टीमें शामिल रहीं। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय से 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।
आर्मी बेस हर्षिल में ट्रेकर्स की स्वास्थ्य जांच
ओडिन कॉल से सुरक्षित निकाले जाने के बाद सभी ट्रेकर्स को आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय में पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकीय टीम ने उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की।
प्रशासन के अनुसार, स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरत के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लंबे समय तक फंसे रहने के दौरान ट्रेकर्स को मौसम और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण है।
उत्तरकाशी के 10 ट्रेक रूटों पर 106 ट्रेकर्स अब भी फंसे
ओडिन कॉल में फंसे 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन उत्तरकाशी जिले में राहत अभियान अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिले के 10 ट्रेक रूटों पर 106 ट्रेकर्स अब भी फंसे हुए हैं।
इन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए संबंधित एजेंसियां अभियान चला रही हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और दुर्गम रास्तों के कारण बचाव कार्य में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों के सामने प्राथमिकता सभी ट्रेकर्स तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाने की है। अभियान की प्रगति के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर में भी 43 ट्रेकर्स फंसे
उत्तरकाशी के अलावा बागेश्वर जिले के पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र में भी 43 ट्रेकर्स के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनमें स्थानीय और विदेशी ट्रेकर्स शामिल हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार, 23 ट्रेकर्स पिंडारी ग्लेशियर के नजदीक हैं, जबकि 20 ट्रेकर्स खाती गांव में मौजूद हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी ट्रेकर्स सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
इस तरह उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे लोगों को लेकर राहत एवं बचाव एजेंसियां सतर्क हैं। उत्तरकाशी में 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के बाद अब शेष ट्रेकर्स तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाने पर जोर दिया जा रहा है।
दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण है रेस्क्यू
कालिंदी ट्रेक और पिंडारी ग्लेशियर जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाने जाते हैं। यहां मौसम तेजी से बदल सकता है और ऊंचाई के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ऐसे में हेलीकॉप्टर की मदद, प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों की तैनाती और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल अहम भूमिका निभाते हैं। उत्तरकाशी के ओडिन कॉल में चलाए गए अभियान में भी एसडीआरएफ, सेना, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला गया।

