CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने हमलों को और तेज़ करने और चुनाव आयोग को लेकर हुए हाल के खुलासों पर चर्चा और आगे की रणनीति बनाने को लेकर कांग्रेस मंगलवार को दिल्ली में वर्किंग कमेटी की बैठक करने जा रही है.
वर्किंग कमेटी की मीटिंग की जानकारी देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे Mallikarjun Kharge ने कहा कि, “यह मुद्दा पूरे देश से जुड़ा है, हमारी डेमोक्रेसी के होने और हमारे देश के बचे रहने से जुड़ा है”
वर्किंग कमेटी की मीटिंग में क्या होने वाला है
वर्किंग कमेटी की मीटिंग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, “मैंने कल के लिए वर्किंग कमेटी की मीटिंग बुलाई है, जहाँ हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और वर्किंग कमेटी के सभी सदस्य अपने सुझाव देंगे.”
🔹I have called a Working Committee meeting for tomorrow, where we will discuss the issue and all the Working Committee members will give their suggestions.
🔹We are going to fight this seriously. This issue concerns the entire country, the existence of our democracy and the… pic.twitter.com/2ViXlcPWBa
— Congress (@INCIndia) September 28, 2026
हमारे देश के बचे रहने से जुड़ा है- Mallikarjun Kharge
वहीं इस मुद्दे के गंभीर बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि, “हम इसे गंभीरता से लड़ने जा रहे हैं. यह मुद्दा पूरे देश से जुड़ा है, हमारी डेमोक्रेसी के होने और हमारे देश के बचे रहने से जुड़ा है. इसीलिए हम इस मुद्दे को लेकर बहुत गंभीर हैं. ”
वह BJP की सोच का प्रचार कर रहे हैं और BJP के कार्यकर्ता बन गए हैं- खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल के खुलासों पर कहा, “इलेक्शन कमीशन के अपने ही लोगों ने उनकी पोल खोल दी है. यहाँ तक कि केरल के एक पूर्व चीफ सेक्रेटरी ने भी कहा है कि CEC ने खुद उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा था. इसका मतलब है कि वह BJP की सोच का प्रचार कर रहे हैं और BJP के कार्यकर्ता बन गए हैं. ”
खड़गे ने ये बी कहा कि, “ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए. हमें उनके इस्तीफे के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी. ”
30 सितंबर को होनी है इंडिया गठबंधन की बैठक
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की ये बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि 30 सितंबर को इंडिया गठबंधन ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर एक बैठक करने जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बैठक से पहले ही अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा कर लेना चाहती है ताकि गठबंधन में वो अपना पक्ष साफ रख सकें और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले आंदोलन का नेतृत्व कर सके.

