उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग पर 1759 करोड़ का खर्च,फिल्म निर्माण का हब बन रही देवभूमि

Uttarakhand Film Policy देहरादून : उत्तराखंड की पहाड़ों, घाटियों और प्राकृतिक नजारों की खूबसूरती लंबे समय से फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती रही है.अब राज्य सरकार की नई फिल्म नीति के बाद उत्तराखंड को केवल फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण के व्यापक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इसका असर राज्य में फिल्म शूटिंग पर हुए खर्च के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है.

Uttarakhand Film Policy
उत्तराखंड बन रहा नया शूटिंग हब

पिछले कुछ वर्षों में फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखंड में शूटिंग पर 1,759 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. सरकार के मुताबिक, फिल्म शूटिंग से जुड़े इस निवेश ने होटल, परिवहन, स्थानीय रोजगार और अन्य सेवाओं के लिए भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई हैं.

Uttarakhand Film Policy
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Uttarakhand Film Policy:5 साल में 1759 करोड़ का शूटिंग निवेश

राज्य में फिल्म शूटिंग पर हुए खर्च के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान अब तक कुल करीब 1,759.62 करोड़ रुपये का शूटिंग निवेश दर्ज किया गया है.

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वित्तीय वर्ष 2022-23 में फिल्म शूटिंग पर 379.75 करोड़ रुपये, 2023-24 में 332.01 करोड़ रुपये, 2024-25 में 531.62 करोड़ रुपये और 2025-26 में 420.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए.

वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर 2026 तक 95.52 करोड़ रुपये का शूटिंग निवेश दर्ज किया गया है.

वित्तीय वर्षशूटिंग पर खर्च
2022-23₹379.75 करोड़
2023-24₹332.01 करोड़
2024-25₹531.62 करोड़
2025-26₹420.72 करोड़
2026-27*₹95.52 करोड़
कुल₹1,759.62 करोड़

*2026-27 का आंकड़ा 19 सितंबर 2026 तक का है।

नई फिल्म नीति ने आसान की शूटिंग की राह

उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लागू फिल्म नीति-2024 में निर्माताओं के लिए शूटिंग प्रक्रिया को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके तहत सिंगल विंडो व्यवस्था, विभिन्न प्रोत्साहन एवं अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं.

नीति में केवल शूटिंग लोकेशन उपलब्ध कराने के बजाय फिल्म निर्माण से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को भी राज्य में बढ़ावा देने का प्रावधान है. इनमें पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं भी शामिल हैं.

इसका उद्देश्य फिल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखंड में काम करना आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और कलाकारों को फिल्म इंडस्ट्री से जोड़ना है.

1440 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग और NOC गतिविधियां

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 से 2025-26 तक उत्तराखंड में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और NOC से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं.

यह आंकड़ा बताता है कि राज्य की प्राकृतिक लोकेशन के साथ-साथ शूटिंग की अनुमति और सुविधाओं से जुड़ा इकोसिस्टम भी धीरे-धीरे विस्तार ले रहा है.

उत्तराखंड में हिंदी फिल्मों के अलावा स्थानीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

52 फिल्मों को मिला अनुदान

फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से पात्र फिल्मों को अनुदान दिया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया.

इनमें हिंदी फिल्मों के अलावा गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं.

अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया. इससे स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय सिनेमा को भी राज्य की फिल्म नीति से समर्थन मिलने की बात सामने आती है.

पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार की पहल

उत्तराखंड में फिल्म क्षेत्र से जुड़े कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन किया जा रहा है.

इन पुरस्कारों के माध्यम से राज्य में निर्मित या फिल्मांकित फिल्मों के साथ-साथ स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों से जुड़े कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित करने की योजना है.

सरकार का फोकस स्थानीय प्रतिभाओं को राज्य के फिल्म इकोसिस्टम से जोड़ने पर भी है.

होटल से परिवहन तक स्थानीय कारोबार को फायदा

फिल्म शूटिंग का असर केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहता. शूटिंग के लिए किसी स्थान पर पहुंचने वाली पूरी टीम स्थानीय स्तर पर कई तरह की सेवाओं का इस्तेमाल करती है.

होटल कारोबार: कलाकारों और तकनीकी टीम के ठहरने से स्थानीय होटल एवं होम स्टे कारोबार को फायदा मिल सकता है.

परिवहन: शूटिंग टीम के लिए वाहनों की जरूरत होने से स्थानीय परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ती है.

स्थानीय रोजगार: स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ, गाइड, ड्राइवर और दूसरी सेवाओं में स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलते हैं.

स्थानीय कलाकार: फिल्मों और वेब सीरीज में स्थानीय कलाकारों को अभिनय और अन्य रचनात्मक भूमिकाओं के अवसर मिल सकते हैं.

पर्यटन: फिल्मों और वेब सीरीज में दिखाई देने वाली खूबसूरत लोकेशन बाद में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं.

शूटिंग डेस्टिनेशन से फिल्म निर्माण केंद्र बनाने की तैयारी

उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता पहले से ही फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही है. अब सरकार फिल्म नीति के जरिए इस आकर्षण को एक संगठित फिल्म इकोसिस्टम में बदलने की कोशिश कर रही है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, राज्य सरकार का प्रयास फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना है. सरकार शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है.

इस तरह उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग का बढ़ता निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए क्षेत्र के रूप में सामने आ रहा है. आने वाले समय में शूटिंग के साथ पोस्ट-प्रोडक्शन, स्थानीय प्रतिभा, प्रशिक्षण और फिल्म से जुड़े दूसरे काम भी राज्य में बढ़ते हैं तो उत्तराखंड की भूमिका केवल शूटिंग लोकेशन तक सीमित न रहकर फिल्म निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकती है.

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