अमेरिका का दावा … ईरान के 7 हजार ठिकानों पर 5,000 पाउंड के पेनेट्रेटर हथियारों से किया अटैक

US Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ( Pentagon) ने गुरुवार को दावा किया है कि अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है.

मीडिया से बात करते हुए जनरल डैन केन (General Dan Caine) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने ताजा हमले में ईरान के भूमिगत सैन्य ठिकानों पर 5000 पाउंड के पेनिट्रेटर बम गिराए हैं और अब तक 7 हजार से ज्यादा टारगेट को नष्ट किया जा चुका है.

US Iran Conflict :ईरान में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

जनरल डैन केन के ने बताया कि अमेरिका ने अपने ताजा हमले में ईरान के कोस्टल डिफेंस क्रूज मिसाइलों के ठिकाने को निशाने पर लिया. नौसैनिक हथियार डिपो,माइन स्टोरेज साइट्स और 120 से ज्यादा जहाज और 44 माइनलेयर को निशाना बनाया .

जनरल डैन केन ने कहा कि अब अमेरिकी सेना ईरान के अंदर और गहराई तक जाकर हमले कर रही है, जिससे उसकी बाहरी सैन्य क्षमता को खत्म किया जा सके.

मिसाइल और ड्रोन क्षमता को भारी झटका

अमेरिका के रक्षा मंत्री पेट हेगसेठ (Pete Hegseth) ने दावा किया कि अमेरिका के हमले से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है. वहीं ईरान की तरफ से जारी हमलों में करीब 90% तक घट गए हैं. रक्षा उत्पादन इकाइयों और फैक्ट्रियों को बड़े पैमाने पर तबाह किया गया है. उन्होंने कहा कि “यह सीमित कार्रवाई नहीं, बल्कि सटीक और भारी सैन्य ताकत का इस्तेमाल है.

नौसैनिक ताकत लगभग खत्म

अमेरिका के दावे के मुताबिक 120 से ज्यादा ईरानी जहाज या तो डूब चुके हैं या क्षतिग्रस्त हैं. ईरान की 11 पनडुब्बियां अब ऑपरेशनल नहीं हैं. सैन्य बंदरगाह पूरी तरह पंगु हो चुके हैं.

युद्ध ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज किया बंद 

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस जंग से पूरी दुनिया मं तनाव है. इस घटनाक्रम की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त अभियान के तहत  ईरान के 86 साल के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी  थी. इसके जवाब में, ईरान ने कई खाड़ी देशों और इज़राइल में मौजूद इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में बाधा उत्पन्न हुई और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई. क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण, ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है.

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