North Korea missile test : प्योंगयांग/सियोल: दुनिया का ध्यान इस समय मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर केंद्रित है, लेकिन इसी बीच उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं.
🚨 KIM JONG-UN FLEXES
Just hours after America agreed a ceasefire with Iran, Kim Jong-Un has fired off another round of missiles.
The rockets flew roughly 240 km towards Japan before splashing down in the East Sea.
This marks North Korea’s fifth confirmed missile test this… pic.twitter.com/jzUCJ8UWz0
— British Intel (@TheBritishIntel) April 8, 2026
North Korea missile test : एंटी-वॉरशिप मिसाइल टेस्ट
उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने अत्याधुनिक विध्वंसक पोत ‘चोए ह्योन’ से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और एंटी-वॉरशिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है. मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को राज्य मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने इस युद्धाभ्यास की पुष्टि करते हुए बताया कि सर्वोच्च नेता किम जोंग उन स्वयं इस दौरान मौजूद थे. किम जोंग उन ने वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और नौसेना कमांडरों के साथ मिलकर इस परीक्षण का बारीकी से निरीक्षण किया.
इंटीग्रेटेड हथियार कमांड सिस्टम का सफल परीक्षण
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य युद्धपोत के इंटीग्रेटेड हथियार कमांड सिस्टम की कार्यक्षमता को परखना और क्रू मिसाइल लॉन्च प्रक्रिया के प्रशिक्षण को पुख्ता करना था. इसके साथ ही, नौसेना के अपग्रेड नेविगेशन सिस्टम और एंटी-जैमिंग प्रदर्शन का भी सत्यापन किया गया. परीक्षण के दौरान दो रणनीतिक क्रूज मिसाइलें और तीन एंटी-वॉरशिप मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने ‘अल्ट्रा-प्रिसिजन’ यानी अचूक सटीकता के साथ अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरी तरह तबाह कर दिया. रिपोर्ट के अनुसार, देश के पश्चिमी तट के पास क्रूज मिसाइलों ने लगभग 7,920 सेकंड और एंटी-वॉरशिप मिसाइलों ने करीब 1,973 सेकंड तक उड़ान भरकर अपनी मारक क्षमता साबित की.
उत्तर कोरिया को दुश्मन मुक्त बनाना ही उद्देश्य- किम जोंग, राष्ट्रपति , उत्तर कोरिया
अपनी सैन्य महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट करते हुए किम जोंग उन ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता देश की परमाणु शक्ति को उस स्तर तक ले जाना है, जहाँ कोई भी दुश्मन हमला करने की हिम्मत न कर सके. उन्होंने सेना को हर समय युद्ध के लिए तैयार रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जवाबी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. किम जोंग उन को निर्माणाधीन दो और चोए ह्योन श्रेणी के विध्वंसक जहाजों की वेपन सिस्टम योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जो इस बात का संकेत है कि उत्तर कोरिया अब तीसरे और चौथे घातक युद्धपोत की तैयारी कर रहा है.
हथियारों का जखीरा बना रहा है उत्तर कोरिया
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब केवल व्यक्तिगत युद्धपोत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जहाजों का एक विशाल बेड़ा तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है. प्रोफेसर लिम यूल चुल के अनुसार, सरकार द्वारा चौथे विध्वंसक पोत के निर्माण की आधिकारिक पुष्टि यह दर्शाती है कि शुरुआती परीक्षणों की सफलता के बाद अब बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो चुका है. रणनीतिक रूप से देखा जाए तो प्योंगयांग वैश्विक अस्थिरता और मिडिल ईस्ट के युद्धों का फायदा उठा रहा है. जब विश्व शक्तियां दूसरी जगह व्यस्त हैं, तब उत्तर कोरिया चुपचाप अपने परमाणु और मिसाइल तंत्र को इतना अभेद्य बना लेना चाहता है कि उसे भविष्य में चुनौती न दी जा सके.

