Sunday, July 5, 2026
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उत्तर प्रदेश में अफसर से लेकर कर्मचारियों तक पर लटकी वेतन रुकने की तलवार, सीएम योगी का कड़ा आदेश

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UP CM ORDER
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UP CM ORDER :  उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सचिवों से लेकर चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों तक को अपनी संपत्ति घोषित करने के आदेश दिये हैं. सरकार ने अपने नये आदेश मे कहा है कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारी 31 अगस्त तक अपनी संपत्ति का ब्योरा सरकारी पोर्टल “मानव सम्पदा” पर अपलोड कर दें. जो आधिकारी या कर्मचारी इसकी घोषणा नहीं करेगा उनको इस महीने का वेतन नहीं मिलेगा. सरकार ने अपने आदेश मे ये भी कहा कि जो कोई इस आदेश को पूरा करने में विपल रहेगा, इनकी पदोन्नति भी इससे प्रभावित होगी.

UP CM ORDER : पिछले साल अगस्त में ही आया था आदेश

दरअसल योगी सरकार का ये आदेश नया नहीं है, बल्कि ये आदेश पिछले साल ही अगस्त में आया तथा, तब इसमें घोषणा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर रखी गई थी, फिर बाद में सरकार ने समय सीमा कई बार बढ़ाया. पहले 30 जून , फिर 31 जुलाई और अब इसे 31 अगस्त किया गया है. इस बीच राज्य के केवल 26 प्रतिशत कर्मतचारियों ने अपनी संपत्ति की घोषणा की है.

कितने कर्मचारियों ने सरकारी पोर्टल पर दी जानकारी ?

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में इस समय सरकारी कर्मचारियों की संख्या  17 लाख 88 हजार 429 है. इनमें से करीब 26 प्रतिशत कर्मचारियों ने सरकार के आदेश की पालना की है और अपनी संपत्ति का ब्योरा सरकार को दिया है. राज्य में करीब 13 लाख अधिक कर्मचारियों ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति का विवरण नहीं दिया है. अब योगी सरकार ने एक बार फिर से आखिरी तारीख को आगे बढाते हुए अल्टीमेटम दिया है.

सरकारी आदेश ना मानने वाले कर्मचारियों को प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि 31 अगस्त तक अपनी संपत्ति का ब्योरा देने वालों को ही इस महीने यानी अगस्त की तनख्वाह दी जायेगी, और बाकी कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा. राज्य सरकार के मुताबिक ऐसे कदम से सिस्टम में “पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है.”

विपक्ष नहीं पसंद आया सरकार के ये आदेश

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी का कहना है कि सरकार के  इस उपाय का उद्देश्य सरकार के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है.सीएम योगी और पीएम मोदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति है. वहीं विपक्ष का सरकार के इस कदम पर कहना है कि कई बार समय सीमा बढ़ाने से पता चलता है कि सरकार खुद अपने आदेश को सभी से लागू करा पाने में विफल रही है. सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, इसे 2017 में क्यों नहीं लाया गया. इस समय योगी सरकार बैकफुट पर है, इसलिए ऐसा कर रही है. अब उन्हें एहसास हो गया है कि उनके कर्मचारी भ्रष्ट हैं.

योगी सरकार के आदेश के दायरे में कौन कौन शामिल ?  

योगी सरकार के आदेश के मुताबिक सभी श्रेणी के अधिकारियों से लेकर  कर्मचारियों तक को अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा देना होगा. सभी विभागों के सचिवों यानी आईएएस अफसरों को भी अपनी संपत्तियों का ब्योरा देना होगा.