रायगढ़ जेल में कैदी की मौत मामले में 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड,घटना की न्यायिक जांच की मांग

Raigarh Jail Prisoner Death:छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है.यहाँ एक 28 वर्षीय विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है. मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए कोतरारोड थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है.मृतक कैदी की पहचान संजय बघेल के रूप में हुई है,जिसे पुलिस ने हाल ही में अवैध शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

Raigarh Jail Prisoner Death : परिजनों का भारी हंगामा 

जानकारी के मुताबिक,शनिवार सुबह जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर संजय बघेल को आनन-फानन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए.

अस्पताल प्रशासन और पुलिस द्वारा शव को न दिखाए जाने को लेकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. इस दौरान अस्पताल परिसर में ही ग्रामीणों ने भारी हंगामा किया और पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस व धक्का-मुक्की भी हुई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा. परिजनों के मुताबिक जेल में कैदी संजय बघेल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई ,जिसके बाद उसे गंभीर चोटें आई थीं.इस कारण से उसकी मौत भी हुई.

परिजनों का गंभीर आरोप: बेरहमी से की गई मारपीट

मृतक संजय बघेल के परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि गिरफ्तारी और जेल में रहने के दौरान संजय के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई. उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं, जो चीख-चीखकर पुलिसिया प्रताड़ना की कहानी बयां कर रहे हैं. परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि इसी मारपीट की वजह से संजय की जान गई है. इसके अलावा पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने के लिए अवैध पैसे के लेन-देन का भी आरोप लगा है, जिसके बाद प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कोतरारोड थाने के दो जवानों पर निलंबन की गाज गिराई है.

न्यायिक जांच की मांग, कांग्रेस ने बनाई 6 सदस्यीय कमेटी

न्यायिक जांच की मांग: घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए ‘न्यायिक जांच’ (Judicial Inquiry) की मांग पर अड़ गए हैं. उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

राजनीतिक मोड़ और कांग्रेस का एक्शन

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने घटना को बेहद गंभीर मानते हुए सरकार और कानून-व्यवस्था को घेरा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर सरायपाली विधायक की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. यह समिति जल्द ही रायगढ़ का दौरा कर मृतक के परिजनों से मुलाकात करेगी और मामले की जमीनी हकीकत का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन मामले को शांत कराने के प्रयास में जुटा है.

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