Strait of Hormuz Closed Again : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही पर दोबारा रोक लगाने की घोषणा की है. तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने हाल ही में हुए समझौते (MoU) की शर्तों का उल्लंघन किया है.
Iran says it is closing the vital Strait of Hormuz after what it described as Israeli ceasefire violations in Lebanon and a failure by the US to implement a tentative agreement to end the war. Follow live updates. https://t.co/GGFMq9qoSy pic.twitter.com/diWlzSs7uw
— CNN (@CNN) June 20, 2026
Strait of Hormuz Closed Again:अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप
ईरानी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, युद्ध समाप्ति से जुड़े समझौते का अमेरिका द्वारा पालन नहीं किया गया. इसके अलावा दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी नहीं होने और लगातार युद्धविराम उल्लंघन को भी इस फैसले का प्रमुख कारण बताया गया है.
ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज को बंद करना केवल पहला कदम है. यदि समझौते का उल्लंघन जारी रहता है तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
अमेरिका-ईरान युद्धविराम डील के बाद खुला था होर्मुज
गौरतलब है कि इसी सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे. इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की घोषणा की गई थी, जिससे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को राहत मिली थी. हालांकि अब ईरान के नए फैसले ने उस समझौते की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले बने वजह
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम तथा शांति समझौते की खबरों के कुछ ही घंटों बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों की खबर सामने आई थी। इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।
ईरान का कहना है कि क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां शांति समझौते की भावना के खिलाफ हैं और यही कारण है कि उसने होर्मुज पर फिर से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री पहुंचे ईरान
इसी बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे हैं. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में शांति बहाली के प्रयास शुरू हुए थे. माना जा रहा है कि क्षेत्रीय हालात और सुरक्षा मुद्दे उनकी यात्रा के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं.
वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है,जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है. यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है.
ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह समझौते के कथित उल्लंघनों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है. वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से अभी तक इस नए प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

