TN New Government : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने बाद अब तक नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. बुधवार को राजभवन से टीवीके चीफ विजय के समर्थन पत्र को लौटाने के बाद अब साफ हो गया है कि यहां नई सरकार के गठन में कोई पेंच फंस गया है.
TN New Government:राज्यपाल की शर्त..पहले बहुमत,फिर शपथ
समाचार एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने साफ कर दिया है कि विजय तभी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, जब उनके पास बहुमत साबित करने के लिए जरूरी विधायकों का समर्थन पत्र मौजूद हो. राज्यपाल का तर्क है कि वह तमिलनाडु में एक स्थिर सरकार देखना चाहते हैं, न कि ऐसी सरकार जो गठन के तुरंत बाद गिर जाए.
TVK Chief Vijay can take the oath only after the numbers are proven. Tamil Nadu Governor wants a stable government in the state. As soon as the numbers are proven, Vijay can take the oath: Sources pic.twitter.com/TosSOwjdFa
— ANI (@ANI) May 7, 2026
स्टालिन का बड़ा दांव: ‘विजय को सरकार बनाने दें’
इस सियासी खींचतान के बीच कार्यकारी मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन का चौंकाने वाला बयान सामने आया है. उन्होंने विजय के पक्ष में नरम रुख अपनाते हुए कहा, “विजय को सरकार बनाने दें, हम कोई संवैधानिक संकट नहीं चाहते।” स्टालिन के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है कि क्या पर्दे के पीछे कोई नया समीकरण बन रहा है.
🔴#BREAKING | “Let Vijay form the government, don’t want any constitutional crisis” : DMK chief MK Stalin paves way for TVK to form government in Tamil Nadu
NDTV’s @dpkBopanna joins @reetksahni with more details pic.twitter.com/IGlyl19ZwU
— NDTV (@ndtv) May 7, 2026
आंकड़ों का गणित: बहुमत से दूर TVK
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है.
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TVK की सीटें: 108
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कांग्रेस का समर्थन: 5 विधायक
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कुल समर्थन: 113 (बहुमत से 5 कम)
चूंकि विजय ने दो सीटों पर चुनाव जीता है, इसलिए उन्हें एक सीट से इस्तीफा भी देना होगा, जिससे यह आंकड़ा और चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
CPI ने उठाए राज्यपाल पर सवाल
विजय के शपथ ग्रहण में हो रही देरी पर CPI ने कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, ऐसे में राज्यपाल को उन्हें सदन में बहुमत साबित करने के लिए उचित समय देना चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए इसे ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध’ बताया है.
स्टेडियम पहुंचे समर्थकों को मिली निराशा
गुरुवार (7 मई) को भारी संख्या में विजय के समर्थक नेहरू इनडोर स्टेडियम पहुंचे थे, उन्हें उम्मीद थी कि उनके पसंदीदा नेता आज शपथ लेंगे लेकिन कार्यक्रम कैंसिल होने की सूचना के बाद समर्थकों को मायूस होकर लौटना पड़ा. फिलहाल, तमिलनाडु की सत्ता की चाबी राजभवन के पास ही है.

