Punjab elections 2027: पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए, बीजेपी ने उसके तीन विधायक, हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौरामाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह, सोमवार को पार्टी में शामिल करा लिया है.
नेता दिल्ली में BJP हेडक्वार्टर पहुंचे और पार्टी में ऑफिशियली शामिल होने से पहले “BJP ज़िंदाबाद” के नारे लगाते देखे गए.
Punjab elections 2027: आप के 3 विधायक बीजेपी में शामिल
पठानमाजरा और जौरामाजरा ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. इस बीच, सिंह ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया.
AAP द्वारा 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी करने के बाद ये इस्तीफे आए. हालांकि, पार्टी ने सनौर या समाना, इन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की थी, जो पठानमाजरा और जौरामाजरा के प्रतिनिधि हैं.
#WATCH | Rebel AAP leaders raise slogans of ‘BJP Zindabad’ at the BJP Headquarters in Delhi. They will be joining BJP shortly. https://t.co/vklz5pbZhk
— ANI (@ANI) November 2, 2026
सनौर से MLA पठानमाजरा ने AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और तुरंत पार्टी छोड़ दी. पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाना के MLA जौरामाजरा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए अपने इस्तीफे की घोषणा की.
बीजेपी में शामिल होने के बाद क्या बोले पठानमाजरा
अपने फैसले के बारे में बताते हुए, पठानमाजरा ने कहा कि BJP, एक नेशनल पार्टी होने के नाते, अगर राज्य में सत्ता में आती है तो पंजाब को काफी फायदा पहुंचा सकती है. उन्होंने ड्रग्स को खत्म करने के लिए पार्टी के कमिटमेंट की ओर भी इशारा किया, और इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया घोषणा का हवाला दिया.
पार्टी छोड़ने वाले विधायकों ने AAP लीडरशिप पर किए तीखे हमले
AAP छोड़ने के बाद, दोनों नेताओं ने पार्टी लीडरशिप पर तीखा हमला किया, और आरोप लगाया कि दिल्ली के उसके नेता, खासकर केजरीवाल और उनके करीबी सहयोगी बिभव कुमार, पंजाब के शासन में दखल दे रहे हैं. उन्होंने राज्य सरकार पर कई मोर्चों पर फेल होने का भी आरोप लगाया, जिसमें कथित भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध, स्नैचिंग की घटनाएं, जबरन वसूली, गैंग हिंसा और हत्याएं शामिल हैं. उन्होंने पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के अपने वादे को पूरा करने में सरकार की नाकामी पर भी सवाल उठाए.
आप ने कहा दोनों नेताओं के पहले ही पार्टी ने सस्पेंड कर दिया था
AAP ने सोमवार को स्पीकर से दोनों नेताओं की असेंबली मेंबरशिप कैंसिल करने की रिक्वेस्ट की. इसमें यह भी कहा गया कि दोनों को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पहले ही पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था. न्यूज़ एजेंसी ANI ने बताया कि उनके सस्पेंशन के बाद, दोनों नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे में क्या कहा
पंजाब असेंबली स्पीकर कुलतार सिंह संधवान को भेजे गए अपने इस्तीफे की एक कॉपी शेयर करते हुए, कुंवर विजय प्रताप सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “मैंने पंजाब लेजिस्लेटिव असेंबली की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया है. आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका कर्जदार रहूंगा.”
सिंह अपने अलग विचारों के लिए जाने जाते हैं और उन्हें जून में सत्ताधारी AAP से पांच साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था. एक IPS ऑफिसर, उन्होंने 2015 में बेअदबी के बाद पुलिस फायरिंग की घटनाओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को हेड किया था, जिसमें दो सिख प्रोटेस्टर मारे गए थे.
उन्होंने कहा, “आपके सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से, गलियों, नालियों और रिबन काटने की राजनीति से ऊपर उठकर, हम सभी को मिलकर पंजाब को – जो अभी ड्रग्स, जबरन वसूली, गैंग कल्चर और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है – एक बार फिर एक प्रोग्रेसिव और लीडिंग राज्य बनाने की कोशिश करनी चाहिए.”
“जैसा कि आप सभी जानते हैं, मैंने एक MLA के तौर पर अपने 90 प्रतिशत टारगेट पूरे कर लिए हैं, जिसमें एक MLA से जो काम करने की उम्मीद की जाती है, वह शामिल है. एक पार्षद, मेयर और सांसद के काम इससे अलग हैं. मैंने अपनी कोशिशों से इलाके के हिसाब से किए गए कामों का डिटेल्ड ब्यौरा भी दिया है, जो अखबारों और मेरे Facebook पेज पर मौजूद है.”
पूर्व IPS अधिकारी 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में AAP में शामिल हुए थे.
उन्होंने कहा, “आगे बढ़ते हुए, साफ़-सुथरी राजनीति और ट्रांसपेरेंट एडमिनिस्ट्रेशन पक्का करने के लिए आपके साथ मिलकर एक स्ट्रैटेजी बनाना मेरा मकसद होगा. मेरा एकमात्र मकसद ‘पंजाब फर्स्ट’ है. इसके अलावा, मेरा कोई पर्सनल इंटरेस्ट नहीं है.”
इस्तीफों ने पंजाब AAP यूनिट के अंदर बढ़ते मतभेदों को सामने लाया है, खासकर चुनाव क्षेत्र के लेवल पर अपॉइंटमेंट और पार्टी लीडरशिप की चुनावी स्ट्रैटेजी को लेकर.
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