पटना : बिहार की राजधानी पटना में 12 जून को होने वाली विपक्षी पार्टियों (United Opposition) की बैठक के लिए तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. बैठक में देश की 18 विपक्षी पार्टियों United Opposition के प्रतिनिधि के शामिल होने की खबर है. बैठक में कांग्रेस नेता, पश्चिम बंगाल सीएम ममता बैनर्जी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना से उद्धव ठाकरे समेत अन्य विपक्षी पार्टी United Opposition के नेता आने वाले हैं.
United Opposition की बैठक से पहले स्टालिन-येचुरी ने व्यस्तता का दिया हवाला
इस बीच खबर है कि तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने फिलहाल इस बैठक (United Opposition) में शामिल होने से किनारा कर लिया है. स्टालिन ने 12 जून को अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने को लेकर असमर्थता जताई है. स्टालिन ने बिहार सीएम से बैठक की तारीख को आगे बढ़ाने की बात कही है.इस बीच सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी 12 जून को अपनी व्यस्तता का हवाला दिया है.


बैठक की तारीख बढ़ाना संभव नहीं-लालू यादव, RJD प्रमुख
बैठक को लेकर बिहार में तैयारियां लगभग पूरी हैं. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि बैठक की तारीख को आगे बढ़ाना संभव नहीं है क्योंकि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. ऐसे में DMK प्रमुख स्टालिन और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने बैठक में अपने अपने प्रतिनिधि भेजने का फैसला किया है.
मील का पत्थर साबित हो सकती है 12 जून की की बैठक
रजनीतिक राणनीतिकारों का मानना है कि 12 जून को अगर पटना में 18 विपक्षी दलों के नेता इकट्ठा होते हैं तो ये 2024 के चुनाव के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है. यहां अगर इकट्ठे चुनाव लड़ने की योजना बनती है तो बीजेपी के लिए इसका मुकाबला कर पाना बेहद मुश्किल हो सकता है. क्षेत्रीय स्तर पर जो पार्टियां मजबूत हैं उनसे मुकाबला कर पाना NDA को लिए कठिन हो सकता है.
कांग्रेस को लेकर राजनीतिक विशेषज्ञों की राय है कि कांग्रेस पार्टी नवंबर-दिसंबर तक विपक्षी एकता को बनाये रखने की कोशिश करेगी. नवंबर दिसंबर तक कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद स्थिति साफ हो जायेगी. अगर मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़, राजस्थान में होने वाले चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहता है तो कांग्रेस यहां अपना दबदबा बनाये रखने में सक्षम होगी.

