Shri Krishna Janmashtami Dehradun देहरादून: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देहरादून पुलिस लाइन में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया. इस दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे. पुलिस लाइन परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया.

Shri Krishna Janmashtami Dehradun:सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जन्माष्टमी समारोह के दौरान कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन,उनकी लीलाओं और भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शानदार प्रस्तुतियों के लिए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सम्मानित भी किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं समाज को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं. इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को समझने का अवसर मिलता है.

भगवान श्रीकृष्ण का कर्मयोग संदेश आज भी प्रासंगिक: धामी
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण की प्रेरणा देता है. श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है.
उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज और प्रदेश के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने की बात कही.
समारोह में मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे.

देहरादून पुलिस लाइन में दिखा भक्ति और संस्कृति का संगम
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं का भी सुंदर समागम देखने को मिला. समारोह ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया.

